क्या होता है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, कैसे होता है इससे मौसम में बदलाव?

जनवरी 2026 की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार सुबह हुई बारिश ने इस साल की पहली बरसात का अहसास कराया। ठंड के बावजूद बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी लोगों के लिए अक्सर सवाल बन जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मौसम का ऐसा बदलाव कब और कैसे होता है?

What is Western Disturbance: जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही हर दिन मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हाल तो ये है जनाब की दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार सुबह ताबड़तोड़ बारिश हुई, जो कि इस साल की पहली (Rainfall) थी। गरज-चमक के साथ बरसती बूंदों ने एक बार फिर शांत सर्दी को जगा दिया, जिससे लोगों ने दोबारा मौसम का कहर देखा। पर क्या आप जानते हैं कि, ठंड के मौसम में भी बरसात क्यों होती है या पहाड़ों पर बर्फबारी क्यों और अधिक बढ़ जाती है? ये सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, जिसका जवाब आज हम आपको देंगे।

What is Western Disturbance?

क्या इससे बदलता है मौसम?

दिल्ली में हुई साल की पहली बारिश

लेकिन इससे पहले ये समझ लेते हैं कि मौसम कितने तरह के होते हैं? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार भारत में साल को सामान्यतः चार प्रमुख मौसमों में बांटा जाता है। हर मौसम की अवधि लगभग दो महीने या उससे कुछ अधिक होती है। इनमें शीतकाल (सर्दी का मौसम) दिसंबर से फरवरी तक रहता है, ग्रीष्मकाल (गर्मी का मौसम) मार्च से मई के बीच होता है, इसके बाद जून से सितंबर तक मानसून या वर्षा ऋतु (Monsoon) आती है, और अंत में अक्टूबर से नवंबर तक शरद ऋतु (Autumn)रहती है। इन ऋतुओं की प्रकृति और अवधि देश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार कुछ हद तक भिन्न हो सकती है।

End of Feed