अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने अपने अब तक के सबसे बड़े, शक्तिशाली और उन्नत रॉकेट ‘स्टारशिप’ (Starship) का सफल परीक्षण प्रक्षेपण किया। यह रॉकेट न केवल भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की चंद्रमा मिशन योजनाओं में भी इसकी बड़ी भूमिका होगी। नासा आने वाले वर्षों में इसी स्टारशिप के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है।
124 मीटर लंबे Starship की सफल टेस्ट फ्लाइट (फोटो- @SpaceX)
स्टारशिप की 12वीं परीक्षण उड़ान
टेक्सास के दक्षिणी छोर स्थित स्टारबेस से लॉन्च किए गए इस रॉकेट में 20 स्टारलिंक उपग्रहों के प्रारूप भी रखे गए थे। यह स्टारशिप की 12वीं परीक्षण उड़ान थी। स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क लंबे समय से इस रॉकेट को इंसानों को मंगल ग्रह तक पहुंचाने के अपने महत्वाकांक्षी सपने का आधार बताते रहे हैं।
लगे हैं और ज्यादा शक्तिशाली इंजन
स्टारशिप का यह नया मॉडल 124 मीटर लंबा है, जो इसके पुराने संस्करणों की तुलना में अधिक ऊंचा और तकनीकी रूप से ज्यादा उन्नत है। इसमें पहले की तुलना में अधिक शक्तिशाली इंजन लगाए गए हैं, जिससे इसकी क्षमता और बढ़ गई है।
पहले लॉन्चिंग में आई थी दिक्कत
हालांकि इस लॉन्च से पहले स्पेसएक्स को तकनीकी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। कंपनी ने गुरुवार शाम को ही इस रॉकेट को लॉन्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन उड़ान शुरू होने से महज 30 सेकंड पहले उलटी गिनती रोकनी पड़ी। दरअसल, मैक्सिको सीमा के पास स्थित स्टारबेस के नए लॉन्च पैड में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। एलन मस्क ने बाद में बताया कि लॉन्च टावर पर लगा एक हाइड्रोलिक पिन समय पर हट नहीं पाया, जिसकी वजह से प्रक्षेपण टालना पड़ा। उन्होंने कहा था कि अगर समस्या का समाधान जल्दी हो गया तो शुक्रवार को दोबारा लॉन्च का प्रयास किया जाएगा। आखिरकार शुक्रवार को कंपनी ने सफलतापूर्वक रॉकेट को प्रक्षेपित कर दिया।
