GS-10578 Galaxy: अनंत ब्रह्मांड में हर सेकंड कुछ-न-कुछ ऐसा घटित होता है, जिसकी आम इंसान कभी कल्पना भी नहीं कर सकता है, परंतु वैज्ञानिकों को एकाद चीजों के बारे में थोड़ा बहुत पता होता है, क्योंकि उन्नत टेलीस्कोप की मदद से ब्रह्मांड की गहराइयों में लगातार झाकने की कोशिशें होती हैं। हाल ही में खगोलविदों ने प्रारंभिक ब्रह्मांड की एक रहस्यमयी आकाशगंगा को लेकर चौंका देने वाले जानकारी साझा की।
पाब्लो की आकाशगंगा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रहस्यमयी आकाशगंगा
प्रारंभिक ब्रह्मांड की रहस्यमयी आकाशगंगा कोई और नहीं, बल्कि GS-10578 आकाशगंगा है, जिसका आकार हमारी घरेलू आकाशगंगा मिल्की-वे जितना ही है, लेकिन GS-10578 आकाशगंगा में अब नए तारों का जन्म नहीं होता, क्योंकि निर्माण प्रक्रिया पर ब्लैक होल (Black Hole) ने बट्टा लगा दिया है।
खगोलविदों के मुताबिक, GS-10578 आकाशगंगा ने नए तारों का निर्माण बंद कर दिया है। दरअसल, GS-10578 आकाशगंगा के केंद्र में स्थित एक सुपरमैसिव ब्लैक होल तारों के निर्माण के लिए आवश्यक सभी पदार्थों को निगल रहा है, जिसकी वजह से आकाशगंगा को नए तारों के निर्माण के लिए जरूर पदार्थ नहीं मिल पा रहा है और उसकी चमक मंद होती जा रही है।
GS-10578 आकाशगंगा को पाब्लो की आकाशगंगा भी कहा जाता है, जिसके अधिकांश तारे 12.5 से 11.5 अरब साल पहले बने थे। आकाशगंगा से जुड़ी शोध में शामिल खगोलविद रॉबर्टो मैओलिनो, जो कावली इंस्टीट्यूट फॉर कॉस्मोलॉजी से भी हैं, ने एक बयान में कहा कि प्रारंभिक ब्रह्मांड की अधिकांश आकाशगंगाएं बहुतायत में तारों का निर्माण कर रही हैं। ऐसे में इस समय इतनी मृत आकाशगंगा को देखना रोचक है।
सुपरमैसिव ब्लैक होल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कब अस्तित्व में आई पाब्लो की आकाशगंगा
ब्रह्मांड की उत्पत्ति बिग बैंग से हुई और इसके लगभग दो अरब साल बाद पाब्लो की आकाशगंगा अस्तित्व में आई थी। हाल ही में नेचर एस्ट्रोनॉमी पत्रिका में प्रकाशित एक नए पेपर में इस आकाशगंगा के तारों में बारे में बताया गया है। नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने पाब्लो की आकाशगंगा में झाकने की कोशिश की।
शोधकर्ताओं में शामिल फ्रांसेस्को डी'यूजेनियो ने एक बयान में कहा कि पहले के अवलोकनों के आधार पर हम जानते थे कि यह आकाशगंगा एक बुझी हुई अवस्था में थी। आकाशगंगा के आकार को देखते हुए यह बहुत अधिक तारे नहीं बना रही है और हमें उम्मीद है कि ब्लैक होल और तारा निर्माण के अंत के बीच एक संबंध है। हालांकि, इस संबंध की पुष्टि को लेकर शोधकर्ता विस्तार से पर्याप्त अध्ययन नहीं कर पाए हैं और हमें इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं है कि आकाशगंगा की चमक अस्थायी है या स्थायी? जेम्स वेब की बदौलत शोधकर्ताओं को पता चला कि आकाशगंगा लगभग 1,000 किमी प्रति सेकंड की गति से बड़ी मात्रा में गैस निकाल रही है।
