कैसे बनते हैं सुपरमैसिव ब्लैक होल? क्या लगातार तेजी से हो रहा Black Hole का विकास?

Supermassive Black Holes: अनंत ब्रह्मांड में पुख्तातौर पर ब्लैक होल की संख्या बता पाना कठिन है, लेकिन ब्लैक होल के विकसित होने की क्षमता का अनुमान जरूर लगाया जा सकता है। ब्लैक होल के भीतर एक सूर्य को भी निगलने की क्षमता है। साथ ही यह प्रकाश को भी खुद में समा लेता है और दिखता है तो सिर्फ और सिर्फ अंधकार। ब्लैक होल के अंदर काला घना अंधेरा ही मौजूद है।

KEY HIGHLIGHTS
  • ब्रह्यांड का दैत्य है ब्लैक होल।
  • सूर्य को भी खाने की रखता है क्षमता।
  • प्रकाश को भी खुद मा समा लेता है ब्लैक होल।

Supermassive Black Holes: ब्रह्मांड की सबसे ज्यादा रहस्यमयी वस्तुओं में से एक ब्लैक होल (Black Hole) के बारे में जानने की हर किसी की चाहत होती है, क्योंकि यह एक ऐसा ब्रह्मांडीय दैत्य है, जो सूर्य को भी निगलने की क्षमता रखता है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ब्लैक होल के बारे में जानकारी साझा की थी जिसने एक पूरे तारे को ही निगल लिया। ऐसे में आज हम विशालकाय ब्लैक होल के बनने की प्रक्रिया को समझेंगे।

Supermassive black holes

सुपरमैसिव ब्लैक होल

कैसे बनते हैं विशालकाय ब्लैक होल?

ब्लैक होल एक ऐसी रहस्यमयी वस्तु है जिनका गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि कोई भी वस्तु उससे बच नहीं सकती है। कोई भी वस्तु यानी प्रकाश भी। ब्लैक होल में प्रकाश भी अंधकार में तब्दील हो जाता है। विशालकाय ब्लैक होल, जिन्हें सुपरमैसिव ब्लैक होल के नाम से जाना जाता है, का द्रव्यमान लाखों से अरबों सूर्य के बराबर हो सकता है। ब्लैक होल मरते हुए तारों से जन्म लेते हैं।

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