किसने और कब लगाई थी सती प्रथा पर रोक? जानें

4 December History: इतिहास में चार दिसंबर का दिन बहुत सी महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ दर्ज है। आज ही के दिन एक ऐसी कुप्रथा पर रोक लगाई गई थी जिसमें पति की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को उसकी चिता में जीते जी झोंक दिया जाता था। इस प्रथा को सती प्रथा कहा जाता था।

KEY HIGHLIGHTS
  • 1796 में बाजीराव द्वितीय पेशवा बनाए गए।
  • 1967 में रोहिणी आरएच 75 की हुई थी लॉन्चिंग।
  • 1977 में मिस्र के विरुद्ध अरब मोर्चे का हुआ था गठन।

4 December History: क्या कोई समाज किसी ऐसी घटना की कल्पना कर सकता है, जिसमें पति की मौत के बाद उसकी जीती जागती पत्नी को भी जलने के लिए मजबूर किया जाए और इसे प्रथा का नाम देकर सही भी ठहराया जाए।

aaj ka itihaas.

आज का इतिहास

सती प्रथा एक ऐसी ही कुप्रथा थी, जिसमें पति की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को उसकी चिता में जीते जी झोंक दिया जाता था और भारत में व्याप्त इस कुप्रथा को खत्म करने का श्रेय अंग्रेज वायसराय विलियम बेंटिक को जाता है, जिन्होंने चार दिसंबर 1829 को सती प्रथा पर रोक लगा दी। लॉर्ड बेंटिक भारतीय समाज से तमाम बुराइयां खत्म करने के हिमायती थे और उन्होंने नवजात कन्या वध की कुप्रथा का भी अंत किया था।

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