जब सोवियत संघ ने एक मादा कुत्ते को अंतरिक्ष में पहली बार भेजा, कुछ इस तरह खुले थे मनुष्य के लिए रास्ते; जानें

3 November History: दुनिया के इतिहास में 3 नवंबर का दिन महत्वपूर्ण घटनाओं के नाम दर्ज है। आज ही के दिन सोवियत संघ ने 1957 में एक मादा श्वान को अंतरिक्ष में भेजा। इस प्रयोग के सफल होने के बाद इंसाम के अंतरिक्ष में जाने का रास्ता खुल गया था। वहीं, 1992 में राष्ट्रपति एच डब्ल्यू बुश को हराकर डेमोक्रेट बिल क्लिंटन अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति बने थे।

KEY HIGHLIGHTS
  • 1903 में पनामा ने कोलंबिया से आजादी की घोषणा की।
  • 1933 में अमर्त्य सेन का जन्म हुआ।
  • 1992 में डेमोक्रेट बिल क्लिंटन अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति बने।


3 November History: सभ्यता की शुरुआत से ही इंसान की जिज्ञासा ने उसे नये-नये अविष्कार करने के लिए प्रेरित किया। अपनी जरूरत की चीजें ईजाद करने के बाद इंसान ने आसमान को छूने के लिए हवाई जहाज का अविष्कार किया और फिर अंतरिक्ष की अनंत गहराइयां नापने के प्रयास में अंतरिक्ष यान बना डाला।

Aaj_Ka_Itihas

आज का इतिहास

इंसान यहीं नहीं रूका। अब उसे यह देखना था कि आखिर अंतरिक्ष में क्या है? मानव रहित अंतरिक्ष यान तो वह भेज चुका था लेकिन इंसान को वहां भेजने का जोखिम उठाने से पहले जीवित प्राणी के रूप में एक श्वान को अंतरिक्ष में भेजने का फैसला किया गया। तत्कालीन सोवियत संघ ने तीन नवंबर, 1957 को लाइका नाम की मादा श्वान को अंतरिक्ष में भेजा जो नीले आसमान के पार गयी पहली जीवित प्राणी थी। इस प्रयोग के सफल होने के बाद इंसान के अंतरिक्ष में जाने का रास्ता बना।

End of Feed