जब एक स्याह रात को प्रेस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध और काट दिए टेलीफोन; जानें आज का इतिहास

28 June History: जून के महीने को भारत के राजनीतिक इतिहास में आपातकाल के लिए सदियों तक याद रखा जाएगा। आज ही दिन भारत में ऐसा पहली ऐसा हुआ, जब सरकार ने प्रेस पर प्रतिबंध लगाये। हालात इस कदर बिगड़े कि टाइम और गार्जियन अखबारों के समाचार-प्रतिनिधियों को भारत से जाने के लिए कह दिया गया।

KEY HIGHLIGHTS
  • 3801 समाचार-पत्रों के डिक्लेरेशन जब्त कर लिए गए थे।
  • 327 पत्रकारों को मीसा में बंद कर दिया गया।
  • 290 अखबारों के विज्ञापन बंद कर दिए गए।

28 June History: जून के महीने को भारत के राजनीतिक इतिहास में आपातकाल के लिए सदियों तक याद रखा जाएगा। आपातकाल की घोषणा के दो दिन के भीतर ही राजनीतिक विरोधियों और आंदोलनकारियों की गतिविधियों पर तो पहरा बिठा ही दिया गया, साथ ही आजाद भारत में ऐसा पहली ऐसा हुआ, जब सरकार ने प्रेस पर प्रतिबंध लगाये।

Today_History

आज का इतिहास

आलम यह था कि समाचार पत्रों में छपने वाली खबरों को सेंसर किया जाने लगा और अखबार छापने से पहले सरकार की अनुमति लेने की बंदिश लगा दी गई। आपातकाल के दौरान 3801 समाचार-पत्रों के डिक्लेरेशन जब्त कर लिए गए। 327 पत्रकारों को मीसा में बंद कर दिया गया और 290 अखबारों के विज्ञापन बंद कर दिए गए।

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