जब महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को दी गई फांसी, जानें पूरा घटनाक्रम

15 November History: दुनिया के इतिहास में 15 नवंबर का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं के नाम दर्ज है। आज ही के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सीने में गोली दागने के अपराध में नाथूराम गोडसे को फांसी दी गई थी। यह तथ्य अपने आप में दिलचस्प है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गोडसे महात्मा गांधी के आदर्शों का मुरीद हुआ करता था, लेकिन बाद में उन्हें बंटवारे का दोषी मानने लगा था।

15 November History: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को विश्व इतिहास के महानतम नेताओं में शुमार किया जाता है। भारत माता को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने के लिए महात्मा गांधी ने जीवन भर अहिंसा और सत्याग्रह का संकल्प निभाया, लेकिन उन्हें आजादी की हवा में सांस लेना ज्यादा दिन नसीब नहीं हुआ।

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आज का इतिहास

भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ और 30 जनवरी 1948 की शाम नाथूराम गोडसे ने अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के सीने में तीन गोलियां उतार दीं। इस अपराध पर गोडसे को फांसी की सजा सुनाई गई और वह 15 नवंबर 1949 का दिन था, जब उसे फांसी दी गई। यह तथ्य अपने आप में दिलचस्प है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गोडसे महात्मा गांधी के आदर्शों का मुरीद था, लेकिन एक समय ऐसा आया कि वह उनका विरोधी बन बैठा और उन्हें देश के बंटवारे का दोषी मानने लगा।

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