CM Yogi Adityanath : पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी के परिवार से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिवार को ढाढस बंधाते हुए अपनी शोक संवेदना जाहिर की। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि आतंकियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी और इनके आका बख्शे नहीं जाएंगे। सीएम ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और आतंकवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है।
कानपुर में शुभम द्विवेदी के परिवार से मिलते योगी आदित्यनाथ।
मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा, '22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें कानपुर के एक व्यक्ति की मौत हो गई। शुभम द्विवेदी, जिनकी शादी दो महीने पहले ही हुई थी, इस आतंकी हमले में शहीद हो गए। यह आतंकवादियों द्वारा किया गया एक बहुत ही कायराना हमला है और यह दर्शाता है कि आतंकवाद अब अपने अंतिम सांसें गिन रहा है। इस प्रकार की घटनाएं भारत जैसे देश में कतई स्वीकार्य नहीं हैं। केंद्र सरकार की कार्रवाई आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोंकने का कार्य करेगी।'
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा -सीएम योगी
सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आतंकवाद की समस्या को सुलझाने के लिए आगे के कदम उठाए जाएंगे। देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता पर विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैंने शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात की है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होगी। शुभम द्विवेदी परिवार के इकलौते बेटे थे। परिवार शोक में है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मैं यह भी आश्वस्त करता हूं कि इस भयावह घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह डबल इंजन सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।'
सबसे पहले शुभम को मारी गोली-पत्नी एशान्या
इस बीच, शुभम की पत्नी एशान्या पहली बार मीडिया के सामने आई। एशान्या ने बताया कि आंतकी सबसे पहले हमारे पास ही आए थे और पहली गोली शुभम को ही मारी थी। इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताते हुए एशान्या ने कहा कि हम लोग हंसी-खुशी बैठे थे, इतने में आतंकी आए और बंदूक रख कर शुभम से पूछा कि हिंदू है कि मुसलमान, पहले हम लोगों को समझ नहीं आया, फिर उन्होंने दोबारा पूछा कि हिंदू है कि मुसलमान। हमने जवाब दिया कि हिंदू तो तुरंत गोली से मार दिया।
