'हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, इसमें गलत क्या?' प्रशांत भूषण बोले- यह हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन को लेकर सरकार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि लोकतांत्रिक देश में सत्ता परिवर्तन के लिए विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने गुरुवार को एक चौंकाने वाला दावा किया कि वे भारत में मौजूदा सत्ता को बदलने के लिए सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ बैठे प्रशांत भूषण ने कहा, 'हां, हम सत्ता बदलना चाहते हैं; हम सभी यही चाहते हैं। इसमें गलत क्या है? बीजेपी ने भी तो बार-बार सत्ता परिवर्तन के लिए आंदोलन चलाए हैं।'

Prashant Bhushan PC

प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन को लेकर सरकार को खुली चुनौती दी

बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए, जिसने प्रदर्शनकारियों पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था, प्रशांत भूषण ने कहा कि सत्ता परिवर्तन हर नागरिक का अधिकार है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ब्रिटिश काल का राजद्रोह कानून (sedition law) असंवैधानिक है।

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