Wrestlers Spend Night At Jantar Mantar: देश के नामी-गिरामी पहलवान दिल्ली में एक बार फिर धरने पर बैठे हैं। ये पहलवान रेस्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रमुख और अन्य स्टाफ पर महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी साल की शुरुआत में पहलवानों ने इसके खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था, लेकिन सरकार के आश्वासन पर अपना विरोध वापस ले लिया था।
दिल्ली में फिर धरने पर बैठे रेस्लर्स (Credit: Vinesh Bhogat Twitter)
डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ प्रदर्शन
शीर्ष भारतीय पहलवानों ने इस साल की शुरुआत में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और अन्य प्रशिक्षकों के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध किया था। पुलिस को दी गई अपनी नई शिकायत के साथ ये सभी पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर वापस आ गए हैं। सात महिला पहलवानों ने महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कनॉट प्लेस पुलिस थाने में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है।
डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के बीच दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट मांगी है।
#WATCH | Delhi: "This time, all parties are welcome to join our protest whether it is BJP, Congress, AAP or any oth… t.co/LmwxzWuwRc
— ANI (@ANI) Apr 24, 2023
सरकारी कमेटी की रिपोर्ट नहीं हुई सार्वजनिक
पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की जानी बाकी है, उन्होंने कहा कि वे इस बात से निराश हैं कि इस मुद्दे पर एक सरकारी पैनल की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि जिस रिपोर्ट में महिला पहलवानों के बयान दर्ज किए गए हैं, उसे सार्वजनिक किया जाए। यह एक संवेदनशील मुद्दा है, शिकायतकर्ताओं में से एक नाबालिग लड़की है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के नाम लीक नहीं होने चाहिए।
एक अन्य शीर्ष पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि जब तक बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे। विनेश फोगट ने कहा कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद उन्हें सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। विनेश फोगाट ने फुटपाश पर सो रहे पहलवानों की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, हम न्याय मिलने तक यहां सोने और खाने जा रहे हैं। 'पोडियम से फुटपाथ तक।'
Podium से फुटपाथ तक। आधी रात खुले आसमान के नीचे न्याय की आस में। t.co/rgaVTM5WGK
— ANI (@ANI) Apr 23, 2023
जांच कमेटी की समयसीमा बढ़ाई गई
विनेश ने कहा, हम तीन महीने से उनसे (खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य प्राधिकरण) संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। समिति के सदस्य हमें जवाब नहीं दे रहे हैं, खेल मंत्रालय ने भी कुछ नहीं कहा है, वे हमारा फोन भी नहीं उठाते हैं। हमने देश के लिए पदक जीते हैं और इसके लिए अपना करियर दांव पर लगा दिया है। बता दें कि एक महीने में निष्कर्ष बाद में जांच कमेटी दो सप्ताह की समय सीमा बढ़ा दी गई और विरोध करने वाले पहलवानों के आग्रह पर बबिता फोगट को अपने छठे सदस्य के रूप में जांच पैनल में शामिल कर लिया गया।
अनुराग ठाकुर ने की थी पहलवानों से मुलाकात
समिति ने अप्रैल के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट पेश की, लेकिन मंत्रालय ने अभी तक अपने निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि पहलवान कई सुनवाई के बाद डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को साबित नहीं कर सके। पहलवानों ने पहले कहा था कि वे कानूनी रास्ता नहीं अपनाना चाहते क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री पर भरोसा है, लेकिन चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो वे पुलिस के पास जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे ओलंपियन बबीता फोगाट, जो भाजपा की सदस्य हैं और हरियाणा सरकार का हिस्सा हैं, उनकी मध्यस्थता से खेल मंत्रालय में बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर पहलवानों से मुलाकात की थी और आरोपों को गंभीर बताया था।
