इन राज्यों के हैं सुरंग से निकले 41 श्रमिक, देखें पूरी लिस्ट, 1 लाख रुपए की मिलेगी मदद

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 29, 2023, 09:39 AM IST

Uttarkashi Tunnel rescue : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों से बात की और उन्हें मदद का भरोसा दिया। श्रमिकों ने अपने परिजनों से बात की है। सुरंग में 16 रात आसान नहीं था, लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी, अपना हौसला बनाए रखा।

Uttarkashi Tunnel rescue : उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। केंद्र एवं राज्य की एजेंसियों की कड़ी मेहनत एवं जज्बे की बदौलत राहत एवं बचाव अभियान का कार्य 17वें दिन पूरा हो गया। सुरंग से बाहर सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य जांच हुआ है और वे फिट हैं। सरकार ने उन्हें एक लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों से बात की और उन्हें मदद का भरोसा दिया। श्रमिकों ने अपने परिजनों से बात की है। सुरंग में 16 रात आसान नहीं था, लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी, अपना हौसला बनाए रखा। मुश्किल घड़ी में खुद को सुरक्षित रखने वाले ये 41 श्रमिक आखिर किस राज्य के हैं, यहां हम इसकी लिस्ट दे रहे हैं-

Uttarkashi Tunnel rescue

सुरंग से निकलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी से बात करते श्रमिक।

41 श्रमिकों के नाम और उनके राज्य

क्रम संख्यानाम राज्य
1गब्बर सिह नेगीउत्तराखंड
2सबाह अहमदबिहार
3सोनू शाहबिहार
4मनिर तालुकदारपश्चिम बंगाल
5सेविक पखेरापश्चिम बंगाल
6अखिलेश कुमार यूपी
7जयदेव परमानिकपश्चिम बंगाल
8वीरेन्द्र किसकूबिहार
9सपन मंडलओडिशा
10सुशील कुमारबिहार
11विश्वजीत कुमारझारखंड
12सुबोध कुमारझारखंड
13भगवान बत्राओडिशा
14अंकित यूपी
15राम मिलन यूपी
16सत्यदेवयूपी
17सन्तोष यूपी
18जय प्रकाश यूपी
19राम सुन्दरउत्तराखंड
20मंजीतयूपी
21अनिल बेदियाझारखंड
22श्राजेद्र बेदियाझारखंड
23सुकरामझारखंड
24टिकू सरदारझारखंड
25गुनोधरझारखंड
26रनजीतझारखंड
27रविन्द्रझारखंड
28समीरझारखंड
29विशेषर नायकओडिशा
30राजू नायकओडिशा
31महादेवझारखंड
32मुदतू मुर्मझारखडं
33धीरेनओडिशा
34चमरा उरॉवझारखंड
35विजय होरोझारखंड
36गणपतिझारखंड
37संजयअसम
38राम प्रसादअसम
39विशालहिमाचल प्रदेश
40पु्ष्कर उत्तराखंड
41दीपक कुमारबिहार

NDRF के टीम कमांडर ने क्या कहा

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए जैसे ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के चार जवान मलबे के दूसरे छोर तक पहुंचे श्रमिकों की सुरक्षित निकासी की उम्मीदें बढ़ गयी। एनडीआरएफ के टीम कमांडर मनमोहन ने बताया, ‘जैसे ही हमने उनकी ओर हाथ हिलाया और घोषणा की कि एनडीआरएफ की एक टीम उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए यहां है और उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, श्रमिकों के समूह के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा हो गया।’ उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम करीब दो घंटे तक वहां मौजूद रही।

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