नीट (NEET) परीक्षा में धांधली को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच एक अनोखा मोड़ सामने आया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने बुधवार (22 जुलाई) को साफ कर दिया है कि वे केंद्र सरकार से आगे की बातचीत के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर नहीं जाएंगे। 'टाइम्स नाउ' से खास बातचीत में इस आंदोलन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि अगर सरकार जंतर-मंतर पर उनके प्रतिनिधियों से बात नहीं करना चाहती, तो वे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जैसी किसी तटस्थ जगह पर बातचीत के लिए तैयार हैं।
सीजेपी नेता और जेपी नड्डा की मुलाकात
सौरव दास ने कहा, हम नड्डा के आवास पर नहीं जाएंगे। अगर सरकार जंतर-मंतर पर बातचीत नहीं करना चाहती, तो सीजेपी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जैसी तटस्थ जगह पर बैठक करने के लिए तैयार है।
जेपी नड्डा से मिले थे CJP प्रतिनिधि
इससे पहले सोमवार को सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर आंदोलन की मांगों का एक पत्र सौंपा था। बाद में सीजेपी ने इस मुलाकात की तस्वीरें भी जारी की थीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए सौरव दास ने लिखा था, आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे/बर्खास्तगी सहित अन्य मांगें मंत्री के सामने रखी गई हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इस पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई ठोस वादा नहीं किया गया है। मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी शांत नहीं बैठेंगे!
उन्होंने यह भी बताया था कि मंत्री ने जंतर-मंतर और उसके आसपास प्रदर्शनकारियों पर कोई और पुलिस कार्रवाई न होने का आश्वासन दिया था, हालांकि पुलिस की कार्रवाई रुकने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आई थी।
'कॉकरोच जनता पार्टी' की तीन मुख्य मांगें
सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
आत्महत्या करने वाले सभी नीट (NEET) अभ्यर्थियों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
बातचीत के बहाने नजरबंद किया गया, अभिजीत दिपके का आरोप
दूसरी तरफ, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ केंद्र सरकार सीजेपी के साथ बातचीत का नाटक कर रही थी, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई की जा रही थी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के 32वें दिन समर्थकों को संबोधित करते हुए पीटीआई के हवाले से दिपके ने कहा, सरकार ने हमारा समय बर्बाद किया। उन्होंने हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाया और उनके मोबाइल जब्त कर लिए। आशुतोष रांका और सौरव दास एक तरह से जेपी नड्डा के आवास पर नजरबंद थे।
उन्होंने आगे आरोप लगाया, इस पूरी योजना का मकसद हमारी टीम को बिखेरना था, ताकि जब वहां अफरा-तफरी मचे, तो कोई संभालने वाला न हो। यही वजह है कि उन्होंने उन्हें पांच घंटे तक बिठाकर रखा और हमारा समय बर्बाद किया। आप एक तरफ बातचीत के लिए बुलाते हैं और दूसरी तरफ छात्रों पर लाठियां भांजते हैं।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
गौरतलब है कि मई की शुरुआत में पेपर लीक के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने और नीट (NEET) परीक्षा में सामने आईं अन्य कथित अनियमितताओं को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सीजेपी का यह आंदोलन मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित है। इसे लेकर सोनम वांगचुक भी अनशन पर बैठे जिन्हें जबरन जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच 20 जुलाई को सीजेपी के चलो संसद अभियान के दौरान हिंसा भड़क उठी और कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
