PM Modi on Women's Reservation Bill: संसद का विशेष सत्र आज गुरूवार यानी 16 अप्रैल 2026 को हंगामे के साथ शुरू हुआ। केंद्र सरकार ने सदन के पटल पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन से जुड़े अहम विधेयक पेश किए। महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी (PM Modi) ने लोकसभा की चर्चा में में भाग लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने जहां इस मुद्दे पर सरकार के पक्ष को रखा। वहीं इस मुद्दे पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष को निशाने पर लिया।
महिला आरक्षण' पर पीएम मोदी का विपक्ष को ऑफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मामले में हम पहले ही देर कर चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस देर के कारण भले ही कुछ भी हों, जिम्मेदार भले ही कोई भी हो।
'जिसकी फोटो छपवानी है, मैं सरकारी खर्चे से छपवाने को तैयार हूं'
वहीं विपक्ष पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा- अगर इसका विरोध करेंगे तो राजनैतिक लाभ मुझे होगा, साथ चलेंगे तो, सबका धन्यवाद होगा-जैसे ही ये पारित हो जाए, मैं कल विज्ञापन देकर सबका धन्यवाद करने को तैयार हूं, सबकी फोटो छपवाने को तैयार हूं। क्रेडिट आप ले लो...
आपको जिसकी फोटो छपवानी है, मैं सरकारी खर्चे से छपवाने को तैयार हूं।
उन्होंने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि यहां कुछ लोगों को लगता है कि इसमें मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, लेकिन अगर साथ चलेंगे तो किसी को कोई राजनीतिक फायदा नहीं होगा। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए।
पीएम ने आगे कहा कि इस मामले में हम पहले ही देर कर चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस देर के कारण भले ही कुछ भी हों, जिम्मेदार भले ही कोई भी हो। उन्होंने कहा, आज का दिन महत्वपूर्ण है, आज का दिन 21वीं सदी का सबसे बड़ा दिन है।
'अगर नीयत साफ है, तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं...'
पीएम मोदी ने कहा-मैं आज बड़ी जिम्मेदारी के साथ इस सदन से कहना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो, पश्चिम हो, छोटे राज्य हों या बड़े राज्य हो... ये निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। भूतकाल में जो सरकार रही, जिनके काल में जो परिसीमन हुआ, उस अनुपात में भी कोई बदलाव नहीं होगा, और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी। अगर गारंटी चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा चाहिए तो वादा देता हूं... क्योंकि अगर नीयत साफ है, तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।
'जो आज विरोध करेंगे उसको लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी'
जनता के सुख-दुख की समस्याओं को गहराई से देखा है। वो आंदोलित है। वो कहती है कि झाड़ू कचरा वाले काम में तो हमें जोड़ देते हो। वो तो परिवार में भी पहले होता था। अब हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ो। न्याय विधानसभा में और पार्लियामेंट में होती है। और इसलिए मैं राजनीतिक जीवन में जो लोग प्रगति चाहते हैं, मैं किसी भी सांसद की बात करता हूं, किसी भी एमएलए की बात करता हूं। ये दल वो दल की बात मैं नहीं कर रहा हूं। जो भी राजनीतिक जीवन में सफलतापूर्वक आगे बढ़ना चाहते हैं, उनको ये मान के चलना पड़ेगा कि पिछले 25 30 साल में लाखों बहनें ग्रास रूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं। अब उनके अंदर सिर्फ यहां 33% का नहीं वहां भी वह आपके फैसलों को प्रभावित करने वाली है। और इसलिए जो आज विरोध करेंगे उसको लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी। लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी।
विपक्ष को बिल पेश करने के तरीके पर आपत्ति
विपक्ष की पार्टियों ने कहा कि वह महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हैं लेकिन इसे पेश करने के तरीके पर उन्हें आपत्ति है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने विधेयकों को 'असंवैधानिक’ करार देते हुए इन्हें पेश करने के समय पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों को भारत के संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि वास्तव में विधेयक इस समय लाने का क्या मकसद है। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से 2023 में ही महिला आरक्षण विधेयक पारित कर दिया था तो सरकार ने उसी समय इसे लागू क्यों नहीं किया? वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'आप 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर डरे हुए हैं। आप असंवैधानिक विधेयक ला रहे हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए।’
