Supermoon: नए साल के तीसरे दिन Wolf Moon देखेगी दुनिया, कैसे और कब देखें ये सुपरमून

Wolf Supermoon: वुल्फ सुपरमून जनवरी की पूर्णिमा को कहा जाता है, जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होते हुए सामान्य से ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। इसे वुल्फ मून इसलिए कहा जाता है क्योंकि सर्दियों में भेड़ियों की आवाजें ज्यादा सुनाई देती थीं, जिस पर यह नाम पड़ा। यह खगोलीय घटना आकाश प्रेमियों के लिए खास होती है और साफ मौसम में इसे बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकता है।

Wolf Supermoon: जनवरी 2026 का पहला फुल मून जल्द ही दिखाई देने वाला है। इसे वुल्फ मून कहा जाता है, और यह साल का पहला सुपरमून भी होगा।

wolf super moon

3 जनवरी को सुपरमून का होगा दीदार।(फोटो सोर्स: istock)

वुल्फ मून क्या है?

पूर्णिमा तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के दूसरी तरफ होता है जो सूर्य के समान होता है और इसका चेहरा पूरी तरह से प्रकाशित होता है। चूंकि चंद्रमा का कक्ष पृथ्वी के सापेक्ष अण्डाकार होता है, इसलिए चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी पूरे महीने में बदलती रहती है। सुपरमून तब होता है जब पूर्णिमा चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है। इससे चंद्रमा सामान्य से थोड़ा बड़ा और चमकीला दिखाई देता है।

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