क्या जेल से सरकार चला पाएंगे अरविंद केजरीवाल? जानिए क्या कहते हैं कानून के विशेषज्ञ

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 2, 2024, 01:07 PM IST

यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल न्यायिक हिरासत के बाद भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा ने कहा, 'संविधान में किसी व्यक्ति को एक बार जेल जाने के बाद मुख्यमंत्री बने रहने पर रोक लगाने वाला कोई विशेष प्रावधान नहीं है, लेकिन यह व्यावहारिक रूप से असंभव है।'

Arvind Kejriwal News : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। आबकारी नीति घोटाले में उनकी गिरफ्तारी हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते 21 मार्च को केजरीवाल को उनके आवास से गिरफ्तार किया। मामले में पूछताछ के लिए वे 1 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में रहे। इसके बाद राउज एवन्यू कोर्ट ने उन्हें 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। केजरीवाल तिहाड़ के जेल नंबर दो में बंद हैं। सीएम पद पर रहते हुए जेल जाने वाले केजरीवाल देश के पहले मुख्यमंत्री हैं। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे और जेल से ही सरकार चलाएंगे। कई लोगों का मानना है कि केजरीवाल के जेल में रहने से दिल्ली सरकार चल नहीं पाएगी। राजधानी में कामकाज प्रभावित होगा। इससे दिल्ली में संवैधानिक संकट गहरा जाएगा। ऐसे में सवाल यह है कि क्या जेल से सरकार चलाई जा सकती है? इस पर कानूनों के जानकारों की राय अलग-अलग है-

Arvind Kejriwal

15 अप्रैल तक तिहाड़ जेल में रहेंगे अरविंद केजरीवाल।

व्यावहारिक रूप से असंभव जेल से सरकार चलाना

यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल न्यायिक हिरासत के बाद भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा ने कहा, 'संविधान में किसी व्यक्ति को एक बार जेल जाने के बाद मुख्यमंत्री बने रहने पर रोक लगाने वाला कोई विशेष प्रावधान नहीं है, लेकिन यह व्यावहारिक रूप से असंभव है।' वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन (एससीबीए) के पूर्व अध्यक्ष विकास सिंह ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि कई चीजें हैं जो संविधान में नहीं लिखी हैं और जेल से सरकार चलाना मुश्किल होगा। मुख्यमंत्री को प्रशासन के प्रमुख के रूप में किए जाने वाले प्रत्येक कार्य के लिए अदालत और अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

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