ET Now Global Business Summit 2024: अमित शाह ने ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट के 8वें संस्करण में ग्रुप एडिटर इन चीफ, टाइम्स नाउ नवभारत एंड टाइम्स नाउ नाविका कुमार के साथ इंटरव्यू के दौरान मोदी सरकार द्वारा भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की घोषणा को लेकर हुए विवाद पर बात की। लालकृष्ण आडवाणी, पीवी नरसिम्हा राव और चौधरी चरण सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को भारत रत्न देने के फैसले से राजनीतिक बहस छिड़ गई है। वीर सावरकर का नाम छूट जाने के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में शाह ने कहा कि उन्होंने इस मामले से संबंधित अनुरोधों पर ध्यान दिया है।
भारत रत्न पर छिड़ी सियासी बहस पर क्या बोले अमित शाह?
सावरकर को भारत रत्न देने पर शाह का जवाब
अमित शाह से पूछा गया कि सवाल उठ रहे हैं कि सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया। इसके जवाब में देश के गृहमंत्री ने कहा कि 'उनकी दरखास्त को हमने नोट कर लिया है।' शाह ने गांधी परिवार से परे राजनीतिक हस्तियों के योगदान को स्वीकार करने में विफलता के लिए कांग्रेस की आलोचना की।
भारत रत्न पर राजनीति पर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने भारत रत्न के ऐलान के बाद हो रही राजनीति पर कहा कि चाहे चौधरी चरण सिंह हों, नरसिम्हा राव हों या एमएस स्वामीनाथन हों - इन सभी लोगों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चौधरी चरण एक मात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने इस मुद्दे पर नेहरू का विरोध किया और कांग्रेस छोड़ी कि किसान की भूमि पर किसान का अधिकार है। इसी तरह, पीवी नरसिम्हा राव ने कांग्रेस को एक संस्था बनाने के लिए उन्होंने बड़ा योगदान दिया, देश को एकजुट रखते हुए विकास में उनका बड़ा योगदान है। हरित क्रांति के लिए एमएस स्वामीनाथन जी के योगदान को भारत कभी भुला नहीं सकता। आज हम अन्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हैं, इसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है।
शाह ने सरकार की वापसी का भरोसा जताया
गृह मंत्री ने तीसरी बार मोदी सरकार की वापसी का भरोसा भी जताया। विपक्ष पर तीखा कटाक्ष करते हुए अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति भारत के अटूट समर्थन पर जोर देते हुए कहा कि परिणाम स्पष्ट है। उन्होंने पीएम मोदी के ओबीसी दर्जे पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी की नीति सार्वजनिक रूप से झूठ बोलना और बार-बार झूठ बोलना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई नरेंद्र मोदी जैसे महान नेता की जाति पर बहस कर रहा है।'
