Sonam Wangchuk के अनशन तोड़ने के पांच कारण, जानें किन आश्वासनों पर लिया ये फैसला

Sonam Wangchuk Hunger Strike Updates: 27 दिन की भूख हड़ताल के बाद आखिरकार समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांग्चुक ने सरकार से मिले लिखित आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। यहां जानें वे पांच प्रमुख कारण, जिनके चलते उन्होंने यह फैसला लिया।

Sonam Wangchuk Hunger Strike Updates: 28 जून को शुरू हुआ सोनम वांग्चुक की भूख हड़ताल आखिरकार गुरुवार 23 जुलाई को देर रात खत्म हो गया। लद्दाख के समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांग्चुक (Sonam Wangchuk) ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सूप पीकर अपना अशन तोड़ा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में वांग्चुक ने अनशन खत्म करने का फैसला लिया। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही नेता प्रितपक्ष राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित विपक्ष के तमाम नेता और फिल्मी, खेलजगत से जुड़े सेलिब्रिटीज ने भी उनसे अपना अनशन समाप्त करने की अपील की थी। आखिर वो पांच वजहें क्या रहीं, जिसके कारण सोनम वांग्चुक ने अनशन समाप्त किया, चलिए जानते हैं -

Sonam Wangchuk hunger strike

सोनम वांग्चुक के अनशन खत्म करने के पांच कारण

NEET Paper Leak के विरोध में सोनम वांग्चुक ने 27 दिन बाद अपना अनशन खत्म किया। इसके बाद आज यानी शुक्रवार 24 जुलाई को उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, उनकी सरकार के साथ लगातार दो दिन से बातचीत चल रही थी। इस दौरान सरकार से तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया। हालांकि, वांग्चुक ने यह भी कहा कि शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा, छात्रों पर कार्रवाई रुकवाना सबसे अहम है, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इतना जरूरी नहीं।

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