अगर माता-पिता IAS हैं तो बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए? Supreme Court की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आरक्षण (Reservation) को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना कहा कि अगर माता-पिता आईएएस (IAS) हैं तो बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए।

आरक्षण (Reservation) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर माता-पिता आईएएस (IAS) हैं तो बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए। Live Law के अनुसार न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने एक मामला की सुनवाई करते हुए कहा कि क्या आरक्षण के जरिए शिक्षा और आर्थिक उन्नति हासिल कर चुके परिवारों के बच्चों को ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता रहना चाहिए?

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आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी (फोटो- PTI & SC)

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की आरक्षण पर बड़ी टिप्पणी

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने कहा, “अगर दोनों माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं तो उन्हें आरक्षण क्यों मिलना चाहिए? शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से सामाजिक गतिशीलता आती है। तो फिर बच्चों के लिए आरक्षण की मांग करना कभी भी इससे बाहर नहीं निकल पाएगा। यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें विचार करना होगा। इसके अलावा, फिर इसका क्या फायदा? आप आरक्षण दे रहे हैं। माता-पिता ने पढ़ाई की है, वे अच्छी नौकरियों में हैं, उनकी अच्छी आमदनी है, और बच्चे फिर से आरक्षण चाहते हैं। देखिए, उन्हें आरक्षण से बाहर कर देना चाहिए।”

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