Rahul Gandhi: संसद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चर्चा ये थी कि हाल ही में बहाल हुए राहुल गांधी बहस शुरू करेंगे। लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया जिससे हर कोई हैरान था। बताया जा रहा है कि राहुल की जोरदार वापसी और उनके संभावित हमले की धार को कमजोर करने के लिए भाजपा की खास रणनीति को देखते हुए कांग्रेस सांसद ने ये कदम उठाया। लोकसभा में बहाली के एक दिन के भीतर ही उनका पहला भाषण होना था।
पीएम मोदी की गैरमौजूदगी बनी वजह
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस को दिन की शुरुआत में ही दो बड़ी चूक नजर आईं। राहुल के निशाने पर पीएम नरेंद्र मोदी ही होते, लेकिन पीएम चर्चा से पहले सदन में नहीं थे। जैसे ही पार्टी सदस्यों ने बताया कि पीएम शायद संसद में भी अपने कार्यालय में नहीं हैं, कांग्रेस के रणनीतिकारों को दोबारा रणनीति पर विचार करना पड़ा। कांग्रेस को पता चला कि चर्चा में दूसरे वक्ता भाजपा के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे थे, जिन्हें पार्टी कांग्रेस और गांधी परिवार की छवि धूमिल करने वाले नेता के रूप में देखती है।
अधीर रंजन बोले, हमने फेंकी गुगली
हालांकि, पार्टी ने कारणों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। वहीं, अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा पर फब्ती कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने गुगली फेंकी है। राहुल दूसरे दिन यानि आज भाषण देने जा रहे हैं। हालांकि, राहुल का 9 अगस्त को राजस्थान में एक रैली को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है। वह राजस्थान के बांसवाड़ा में एक रैली में भाग लेंगे।
कांग्रेस और इंडिया गुट की पार्टियां अच्छी तरह से जानती हैं कि जहां तक संख्या का सवाल है, इस अविश्वास प्रस्ताव में उनके पास कोई मौका नहीं है। यह कदम मुख्य रूप से प्रधानमंत्री को मणिपुर पर सदन को संबोधित करने और पूर्वोत्तर राज्य की स्थिति पर भाजपा पर निशाना साधने के लिए मजबूर करना है। इसलिए, पार्टी भाजपा को स्थिति को अपने पक्ष में करने का कोई मौका नहीं देना चाहती।
