जानें क्यों लोग देते हैं मानव बलि, इसके नाम पर 7 साल में 77 की हत्या, पढ़े-लिखे लोग भी शामिल

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 13, 2022, 03:57 PM IST

Human Sacrifice In India : नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ो को देखा जाय, तो बड़ी भयावह तस्वीर सामने आती है। साल 2015 से 2021 में केवल मानव बलि के नाम पर 77 लोगों की हत्याएं कर दी गई। जबकि जादू-टोने और डायन के नाम पर 7 साल में 663 लोगों की मौत हुई है।

KEY HIGHLIGHTS
  • काला जादू कोई वैज्ञानिक अवधारणा नहीं है। लेकिन इसके बावजूद यह पूरी दुनिया में प्रचलित है ।
  • इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सबसे पहले बिहार में कानून लाया गया।
  • 2020 में सबसे ज्यादा 9 मानव बलि के मामले छत्तीसगढ़ में आए थे।

Human Sacrifice In India :केरल के त्रिरुवल्ला में मानव बलि के मामले ने पूरे देश में खलबली मचा दी है। बुधवार को जब पुलिस ने पूरे मामला का खुलासा हुआ तो यह विश्वास से परे था कि एक पड़ा लिखा डॉक्टर मानव बलि कर सकता है।पुलिस के अनुसार बलि देने वाले डॉक्टर दंपती ने 2 महिलाओं को बांधकर पहले टॉर्चर किया। फिर एक लाश के 56 टुकड़े किए। और दोनो महिलाओं की छाती काट दी। यही नहीं पुलिस को इस बात का भी शक है कि शव को खा भी गया है। हालांकि अभी तक इसी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर भारत में मानव बलि की घटना ने कई सवाल खड़ा कर दिए है, कि ऐसा क्यों किया जाता है और 21 वीं सदी में भी ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं।

पिछले 7 साल में 77 की मानव बलि और जादू-टोने के नाम पर 663 की हत्याएं

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ो को देखा जाय, तो बड़ी भयावह तस्वीर सामने आती है। साल 2015 से 2021 में केवल मानव बलि के नाम पर 77 लोगों की हत्याएं कर दी गई। जबकि जादू-टोने और डायन के नाम पर 7 साल में 663 लोगों की मौत हुई है। यह ऐसे आंकड़े हैं, जो यह सोचने को मजबूर करते हैं, कि अभी भी भारत में अंध विश्वास के नाम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

End of Feed