Chandra Nath Rath Murder: 4 मई को पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों ने राज्य के लिए एक नया अध्याय शुरू किया। लेकिन इसके साथ ही यहां हिंसा और हत्याओं का नया दौर शुरू हो गया। एक सनसनीखेज हत्या को अंजाम देते हुए कुछ अज्ञात हमलावरों ने सीएम पद के प्रबल दावेदार सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। जिसने ये खबर सुनी वो सन्न रह गया। सियासी नफरत और प्रतिद्वंदिता इस मोड़ पर पहुंच जाएगी ये किसी ने सोचा नहीं थी। घटना के बाद चंद्रनाथ की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। इस मां ने अपना दर्द बयां करते हुए दोषियों के लिए फांसी नहीं उम्रकैद मांगी है। आखिर ऐसा क्यों?
चंद्रनाथ रथ की मां का दुख-दर्द
मां ने कहा- दोषियों को फांसी नहीं उम्रकैद मिले
चंद्रनाथ रथ की शोकाकुल मां ने भी आरोप लगाया कि हत्या भबानीपुर में अधिकारी के हाथों ममता बनर्जी की हार से जुड़ी है। उन्होंने स्थानीय टेलीविजन चैनलों से कहा, अगर उनकी मौत किसी दुर्घटना में हुई होती तो मुझे इतना दुख नहीं होता। उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे अधिकारी के लिए काम करते थे। रथ की मां ने कहा- मैं चाहती हूं कि दोषियों को सजा मिले। मैं एक मां हूं, मैं नहीं चाहती कि उन्हें फांसी दी जाए, मैं उनके लिए उम्रकैद की सजा चाहती हूं। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि बीजेपी सत्ता में आई है। सत्ताधारी पार्टी के लोग भड़काऊ बयानबाजी कर रहे थे। कह रहे थे कि 4 तारीख के बाद दिल्ली के बाप तुम्हें बचा नहीं पाएंगे। तो 4 तारीख के बाद उन्होंने वही कर दिखाया। अगर मेरे बेटे की मौत किसी दुर्घटना में हुई होती तो मुझे इतना दुख नहीं होता। जिस तरह से उन्होंने मेरे बेटे को कष्ट देकर मारा, ये सब तृणमूल की बनाई गई कहानी है।
वहीं, पुलिस ने बताया कि कई टीमें कोलकाता पुलिस और बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं ताकि उन लोगों का पता लगाया जा सके जिन्होंने बुधवार रात को मध्यग्राम के पास रथ की एसयूवी को रोका और करीब से गोलियां चलाईं और फिर मोटरसाइकिल पर फरार हो गए।
चंद्रनाथ रथ का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया
चंद्रनाथ रथ का गुरुवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले में उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया, जहां हजारों ग्रामीणों ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया। भारतीय वायु सेना के पूर्व कर्मचारी 42 वर्षीय रथ के पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर उनके गांव कुलुप में रखा गया ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। सुवेंदु के भाई दिव्येंदु अधिकारी समेत कई भाजपा नेता वहां मौजूद थे। इससे पहले, उत्तर 24 परगना जिले के बारासात अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया था। सुवेंदु अधिकारी पोस्टमार्टम के दौरान तीन घंटे से अधिक समय तक बारासात अस्पताल में रहे।
शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई। भाजपा ने इसे लक्षित हत्या करार दिया है। इस घटना के बाद तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं और इलाके में तनाव बढ़ गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रात करीब साढ़े 10 बजे मध्यमग्राम के डोलतला के पास रथ के वाहन को रोका और नजदीक से गोली मारकर फरार हो गए। जब रथ का शव चांदीपुर क्षेत्र के कुलुप गांव ले जाया गया, तो उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य बिलखने लगे तथा पड़ोसियों ने उन्हें सांत्वना दी।
नाजुक चुनावी माहौल को भय, प्रतिशोध, हत्या में बदला
बीजेपी की ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव जीत के तुरंत बाद यह हत्या हुई है। इस चुनाव में बीजेपी ने बंगाल में टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया है। इस घटना ने राज्य के नाजुक चुनावी माहौल को भय, प्रतिशोध की कहानियों और जवाबी हिंसा के आरोपों से भरे राजनीतिक टकराव में बदल दिया है। बाहर राजनीतिक माहौल गरमा रहा था, वहीं घर के अंदर रथ का परिवार सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा था।
बारासात स्टेट जनरल अस्पताल में पत्रकारों से बात करते हुए, जहां रथ के शव का पोस्टमार्टम किया गया, सुवेंदु अधिकारी ने कहा, अगर वह मेरा पीए न होता और मैं भाबनीपुर से न जीता होता, तो शायद भारतीय वायु सेना का पूर्व सैनिक मारा न जाता। उसकी एकमात्र गलती यह थी कि वह सुवेंदु अधिकारी का निजी सहायक था। उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए उस पर पांच गोलियां चलाई गईं।
पार्टी नेताओं ने कहा कि परिवार परिजनों से परामर्श करने के बाद अंतिम संस्कार के संबंध में अंतिम निर्णय लेगा। भाजपा ने टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि यह हत्या बंगाल में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाती है। राज्य भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि चुनावी जीत के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, चुनाव तो हमने जीता है, लेकिन मरने वाले भी हम ही हैं।
कम से कम छह से 10 गोलियां चलाई गई
हत्या के बाद रथ की कार को कथित तौर पर रोकने वाली एक संदिग्ध कार को जब्त किया गया है। उस पर लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। छोटी कार का चेसिस नंबर और इंजन नंबर मिटा दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि उन्होंने हत्या की योजना पहले ही बनाई थी। छोटी गाड़ी का नंबर सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति का है, जो एक चाय बागान का कर्मी है।ऐसा लगता है कि हत्यारों ने पंजीकरण संख्या की नकल की और उसका इस्तेमाल किया, ताकि उनका पता न लगाया जा सके। हमले के दौरान कम से कम छह से 10 गोलियां चलाई गई होंगी।
हत्या में इस्तेमाल किया 'ग्लॉक 47 एक्स' पिस्तौल
अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर हेलमेट पहन रखे थे और वे बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलों पर सवार थे। हमने घटनास्थल से खोखे और कारतूस बरामद किए हैं। इस स्तर पर हमले के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं है। पुलिस को हमले में उन्नत हथियारों के इस्तेमाल का संदेह है। प्रारंभिक फोरेंसिक जानकारी के अनुसार,हमलावरों ने संभवत: 'ग्लॉक 47 एक्स' (Glock 47X) पिस्तौल का इस्तेमाल किया। पश्चिम बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इस तरह का हथियार आम अपराधी सामान्यत: इस्तेमाल नहीं करते। हम जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे।
