महाराष्ट्र की राजनीति में 'सावरकर' इतने अहम क्यों, सधे बोल से शरद पवार ने साधा निशाना

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 2, 2023, 10:38 AM IST

veer savarkar: महात्मा गांधी और वी डी सावरकर का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है। लेकिन जब इन नामों पर सियासी नेता अपने हिसाब से बयान देते हैं तो राजनीतिक फिजा गरमाने लगती है। सावरकर के मुद्दे पर राहुल गांधी के नजरिए को देश ने सुना है। बीजेपी और शिवसेना ने आलोचना की है। इन सबके बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने सधे अंदाज में बताया कि सावरकर क्यों अहम हैं तो दूसरी तरफ मौजूका केंद्र सरकार को नसीहत भी दे डाली।

veer savarkar: भारत की राजनीति में महात्मा गांधी और वीर सावरकर दो छोर की तरह हैं जो आपस में मिल नहीं सकते। इन दो छोर के जरिए सियासी दल सत्ता की मंजिल तक पहुंचने के लिए खुद के लिए रास्ता बनाते हैं। सावरकर के मुद्दे पर राजनीति हमेशा से होती रही है। बीजेपी की तरफ से निशाना साधे जाने पर राहुल गांधी कहते हैं कि वो सावरकर नहीं, किसी से डरते नहीं। जब वो इस तरह के बयान देते हैं तो महाराष्ट्र में सियासी गरमी बढ़ जाती है। हाल ही में सांसदी जाने के बाद उन्होंने एक बार फिर जब सावरकर पर बयान दिया तो महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना के नेताओं ने कहा कि सावरकर के बारे में ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं कर सकते। अब इस मुद्दे पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम सावरकर के योगदान को कमतर नहीं मान सकते। सावरकर के योगदान को कोई इनकार नहीं कर सकता। लेकिन अगर उनके विचारों पर मतभेद है तो उसे राष्ट्रीय मुद्दा नहीं बनाया जा सकता। इस समय देश के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है।

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शरद पवार, एनसीपी के मुखिया

'राहुल गांधी का बचाव और संदेश दोनों'

राहुल गांधी का बचाव करते हुए शरद पवार ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं कि जह विदेशी जमीन पर किसी ने देश के खिलाफ बोला हो। देश को इस समय किस तरह से चलाया जा रहा है उसके बारे में उन्होंने हाल ही में 18-20 दलों की बैठक में सवाल उठाते हुए कहा था कि इसके बारे में सोचने की जरूरत है। पवार ने कहा कि वी डी सावरकर का मुद्दा पहली बात कि राष्ट्रीय विषय नहीं और यह अब पुरानी बात हो चुकी है। हम लोग सावरकर के बारे में बोले हैं लेकिन कुछ व्यक्तिगत नहीं था। हिंदू महासभा के खिलाफ बयान थे। लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि देश की आजादी की लड़ाई में सावरकर जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

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