भीलवाड़ा से पीएम मोदी दे गए राजनीतिक संदेश, भगवान देवनारायण का खास तरीके से जिक्र

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jan 28, 2023, 02:22 PM IST

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भगवान देवनारायण की 1,111 वीं जयंती मनाने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शनिवार को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मालासेरी गांव में थे।

राजस्थान में विधानसभा का चुनाव वैसे तो इस वर्ष के अंत में होना है। लेकिन राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं। भीलवाड़ा में गुर्जर समाज के देवता माने जाने वाले भगवान देवनारायण के 1111 वी जयंती में पीएम नरेंद्र मोदी खुद शामिल हुए। रहे हैं। वैसे तो यह एक सरकारी यात्रा है। लेकिन राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। भीलवाड़ा के आसींद उपमंडल के मालासेरी में प्रसिद्ध देवनारायण डूंगरी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ सभा को संबोधित किया।जानकार बताते हैं कि गुर्जर समाज की भगवान देवनारायण में आस्था है और राजनीतिक दलों को लगता है कि उनके सहारे उनकी नैया पार हो सकती है। राजस्थान की राजनीति में गुर्जर समाज की भूमिका प्रभावी रहती है और बीजेपी के रणनीतिकारों को लगता है कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट की काट के लिए ऐसा करना जरूरी है।

भगवान देवनारायण के जरिए संदेश

  • राजस्थान का हमारा गुर्जर समाज शौर्य, पराक्रम और देशभक्ति का पर्याय रहा है। राष्ट्र रक्षा हो या संस्कृति की रक्षा इस समाज ने हमेशा देश के प्रहरी की भूमिका निभाई है।हमारे गुर्जर समाज की नई पीढ़ी भगवान देवनारायण के संदेशों और शिक्षाओं को आगे बढ़ाएं।
  • हमारा पशुधन हमारी परंपरा और आस्था का ही नहीं बल्कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी मजबूत हिस्सा है। इसीलिए देश में पहली बार पशुपालकों के लिए भी 'किसान क्रेडिट कार्ड' की सुविधा दी गई है। ये प्रेरणा स्थली भारत के अनेक गौरवशाली पलों की साक्षी रही है। यहां के महापुरुषों, जननायकों, लोकदेवताओं और समाज सुधारकों ने हमेशा ही देश को रास्ता दिखाया है।राजस्थान धरोहरों की धरती है यहां सृजन है, उत्साह और उत्सव है, परिश्रम और परोपकार है शौर्य यहां घर-घर का संस्कार है। रग और राग राजस्थान के पर्याय हैं। इतना ही महत्व यहां के जन-जन के संघर्ष और संयम का भी है।
  • आज इस पावन अवसर पर भगवान देवनारायण जी का बुलावा आया और जब भगवान देवनारायण का बुलावा आया तो मैं भी उपस्थित हो गया। आज कोई प्रधानमंत्री नहीं आया है आप ही की तरह, पूरे भक्तिभाव से मैं भी एक सामान्य यात्री की तरह यहां आया हूं। भगवान देवनारायण और जनता जनार्दन का दर्शन कर मैं धन्य हो गया हूं।
  • भारत केवल एक भू-भाग नहीं है बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और संभावनाओं की एक अभिव्यक्ति है। आज भारत अपने भविष्य की नींव रख रहा है इसके पीछे जो सबसे बड़ी प्रेरणा है। वो प्रेरणाशक्ति हमारे समाज की शक्ति है, जन-जन की शक्ति है।भारत के हम लोग, हजारों साल पुराने अपने इतिहास अपनी सभ्यता पर गर्व करते हैं। भारत को भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से तोड़ने के बहुत प्रयास हुए लेकिन भारत को कोई भी ताकत समाप्त नहीं कर पाई। इसी लिए भगवान देवनारायण लोकजीवन में परिवार के मुखिया की तरह हैं। उन्होंने हमेशा सेवा और जन कल्याण को सर्वोच्चता दी।
  • श्री देवनारायण जी भगवान ने समाज में समरसता के भाव को फैलाया, समाज को एकजुट किया, एक आदर्श व्यवस्था कायम करने की दिशा में काम किया। यही कारण है कि समाज के हर वर्ग में उनके प्रति श्रद्धा और आस्था है।आज देश इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। हम भी 'वंचितों को वरीयता' का मंत्र लेकर चल रहे हैं। इसीलिए आज मुफ्त राशन मिल रहा है, मुफ्त इलाज मिल रहा है, गरीब को घर.. टॉयलेट.. गैस सिलेंडर को लेकर चिंता रहती थी उसको भी हम दूर कर रहे हैं। गरीबों के बैंक खाते खुल रहे हैं।भगवान देवनारायण जी ने जो रास्ता दिखाया हैं वो सबके साथ से... सबके विकास का है। आज देश इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
  • पानी के महत्व को राजस्थान से बेहतर कौन जान सकता है लेकिन आजादी के अनेक दशक बाद भी, देश के केवल 3 करोड़ परिवारों तक ही नल से जल की सुविधा थी।16 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था लेकिन अब 11 करोड़ से अधिक परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचने लगा है।

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