Swati Maliwal Assault Case: दिल्ली की एक अदालत में सोमवार को स्वाति मालीवाल केस में आरोपी बिभव कुमार की जमानत याचिका खारिज हो गई है। दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पर हुए इस मारपीट में केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार आरोपी हैं। इस जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कई अहम बातें कहीं हैं, जो बिभव कुमार के सीधे-सीधे खिलाफ है, जिससे आगे केजरीवाल के साथी की और मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में आरोपी है बिभव कुमार
कोर्ट ने क्या-क्या कहा
- बिभव कुमार की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए तीस हजारी कोर्ट ने कहा कि मामले में जांच अभी शुरुआती चरण में है।
- गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
- कोर्ट ने कहा बिभव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए, इस स्तर पर जमानत का कोई आधार नहीं बनता।
- कोर्ट ने कहा पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों को गम्भीरता से लिया जाना चाहिए, एफआईआर दर्ज करने में देरी से ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि चोटें एमएलसी में स्पष्ट हैं।
- कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि स्वाति मालीवाल की ओर से कोई साजिश नहीं की गई है।
- कोर्ट ने कहा पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता है।
- केवल एफआईआर दर्ज करने में देरी से मामले पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
- क्योंकि चार दिनों के बाद एमएलसी में चोटें स्पष्ट होती हैं।
- कोर्ट ने कहा ऐसा प्रतीत होता है कि पीड़िता की ओर से कोई पूर्व-चिंतन नहीं किया गया है।
- क्योंकि यदि ऐसा होता तो उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली गई होती।
स्वाति मालीवाल क्या बोली
सुनवाई के दौरान, राज्यसभा सदस्य मालीवाल ने अदालत से कहा कि अगर कुमार को रिहा किया गया, तो उनकी जान को खतरा है और उनके परिवार को गंभीर खतरा है। मालीवाल ने दावा किया कि घटना के बारे में एक यूट्यूबर द्वारा एकतरफा वीडियो बनाया गया था, जिसके बाद उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो गईं।
