Dr Zahed Ur Rahman: प्रधानमंत्री के एक सीनियर सलाहकार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पूछताछ के लिए करीब ढाई घंटे तक रोके जाने के बाद बांग्लादेश ने ढाका में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को तलब किया है। BSS समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के सहयोगी डॉ. जाहिद उर रहमान को रविवार शाम आव्रजन अधिकारियों ने रोक दिया। बताया जा रहा है कि नियमित सुरक्षा जांच के दौरान उनका नाम चिह्नित (flagged) किया गया था। वह इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) की वरिष्ठ अधिकारियों की समिति (CSO) की 28वीं बैठक में शामिल होने के लिए भारत आ रहे थे।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सहयोगी को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर क्यों रोका गया? पड़ोसी देश में उठने लगे विरोध के स्वर! (फेसबुक/जाहेद उर रहमान)
बांग्लादेशी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जहां डेलिगेशन के बाकी सदस्य आसानी से इमिग्रेशन से निकल गए, वहीं रहमान चेकपॉइंट पर ही अटके रहे।
भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर एम. रियाज हमीदुल्लाह एयरपोर्ट पर मौजूद थे और उन्होंने इमिग्रेशन अधिकारियों को रहमान की पहचान बताई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय अधिकारियों को पहले ही बता दिया गया था कि वह बांग्लादेशी डेलिगेशन के प्रमुख हैं।
अपनी यात्रा आगे नहीं बढ़ाई
BSS की रिपोर्ट के मुताबिक, ढाई घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद रहमान ने अपनी तय यात्रा को आगे न बढ़ाने का फैसला किया और अधिकारियों को बताया कि वह ढाका लौट जाएंगे। हालांकि बाद में भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को सुलझाया जा सकता है और उनसे यात्रा जारी रखने को कहा, लेकिन उन्होंने भारत में प्रवेश न करने का फैसला किया। वह कोलंबो होते हुए घर लौट गए।
पासपोर्ट का मामला
वह SAARC वीजा स्टिकर वाले सामान्य बांग्लादेशी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे और उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट नहीं था, इसलिए उन्हें सामान्य इमिग्रेशन जांच से गुजरना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, नियमित जांच के दौरान सुरक्षा वॉचलिस्ट में उनका नाम आने के बाद देरी हुई, जो शायद किसी तकनीकी या डेटाबेस की गड़बड़ी के कारण हुआ था।
ढाका में राजनयिक प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर पवन बधे को बुलाकर हुई घटना पर गहरी निराशा जताई। यह ढाका की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया थी। BSS समाचार एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने स्थिति को अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
