Who is Shrikant Shinde: शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की चाबी भारतीय जनता पार्टी को सौंप दी है। वह इस्तीफा देकर इस रेस से पीछे हट गए हैं। माना जा रहा है कि भाजपा अपने नेता देवेंद्र फड़णवीस को एक बार फिर राज्य की कमान सौंपेगी। फड़णवीस का सीएम बनना लगभग तय है। महाराष्ट्र में सीएम फेस को लेकर दिल्ली में गुरुवार को भाजपा की एक बड़ी बैठक भी हो रही है लेकिन मीडिया में डिप्टी सीएम पद को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। रिपोर्टों की मानें तो एकनाथ शिंदे अपने बेटे श्रीकांत शिंदे के लिए डिप्टी सीएम का पद चाहते हैं और इसकी पेशकश उन्होंने भाजपा आलाकमान से की है।
महाराष्ट्र में इस बार भाजपा का सीएम होगा।
रिपोर्टों की मानें तो शिंदे ने भाजपा के सामने एक मांग यह भी रखी कि यदि उन्हें सीएम नहीं बनाया जाता तो उन्हें कम से कम महायुति सरकार का संयोजक नियुक्त किया जाए। शिंदे की इन दोनों मांगों पर क्या रुख लेना है, भगवा पार्टी गुरुवार को होने वाली अपनी बैठक में कोई फैसला ले सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भाजपा शिंदे को केंद्र में सम्मानजनक कैबिनेट पद दे सकती है।
कौन हैं श्रीकांत शिंदे?
श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के सीएम पद से इस्तीफा दे चुके एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। वह 17वीं लोकसभा के सदस्य हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में वह महाराष्ट्र की कल्याण सीट से चुनकर आए। राजनीति में आने से पहले श्रीकांत मेडिकल से जुड़े थे। उनके पास एमबीबीएस और एमएस की डिग्री है। 2014 में जब वह पहली बार कल्याण सीट से सांसद चुने गए तो वह अपनी मास्टर डिग्री के अंतिम वर्ष में थे। वह महाराष्ट्र के सबसे युवा सांसद भी रह चुके हैं। 2019 में भी वह इस सीट से विजयी हुए। हालांकि, शिवसेना में कुछ ऐसे भी नेता है जो श्रीकांत को डिप्टी सीएम जैसा महत्वपूर्ण पद देने पर चिंता जाहिर कर रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि श्रीकांत को डिप्टी सीएम बनाने पर पार्टी में गलत संदेश जाएगा और इससे पार्टी की प्रतिष्ठा कम होगी।
सीएम पद की रेस से पीछे हटे शिंदे
शिंदे ने बुधवार को कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आश्वासन दिया है कि राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में वह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हर फैसले का समर्थन करेंगे और इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं आयेगी। इसके साथ ही महाराष्ट्र में भाजपा का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया। ठाणे स्थित अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘मैंने कल प्रधानमंत्री मोदी (नरेन्द्र मोदी) और अमित शाह को फोन किया था और उनसे (मुख्यमंत्री पद पर) फैसला करने को कहा था। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे जो भी निर्णय लेंगे, मैं उसका पालन करूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘हमारी शिवसेना महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को नामित करने के भाजपा के फैसले का पूरा समर्थन करेगी। हमारी तरफ से कोई अडंगा नहीं है।’शिंदे ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया कि उनके नेतृत्व में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को शानदार जीत हासिल करने के बावजूद दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने से वह निराश हैं। उन्होंने कहा, ‘कोई नाराज नहीं है। हमने महायुति के रूप में काम किया है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिलने से वह निराश हैं, शिंदे ने कहा, ‘ऐसी कोई बात नहीं है। आपको याद होगा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल का समर्थन किया था।’
महायुति ने जीतीं 230 सीटें
भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 230 सीट जीतकर राज्य विधानसभा चुनावों में जोरदार वापसी की है।
लोकसभा चुनाव में मिली हार से उबरते हुए भाजपा ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की जो महायुति के सभी घटक दलों में सर्वाधिक है। शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट जीतीं। महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए के लिए 145 का आंकड़ा चाहिए। भाजपा को इस आंकड़े तक जाने के लिए अपने सहयोगियों में से केवल एक की जरूरत है। ऐसी स्थिति में उसका पलड़ा भारी है और शिंदे के पास विकल्पों का अभाव है।
एमवीए को लगा बहुत बड़ा झटका
कांग्रेस के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) को झटका लगा है। देश की सबसे पुरानी पार्टी ने राज्य विधानसभा चुनावों में अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया। उसे केवल 16 सीट पर जीत मिली। शरद पवार की राकांपा ने सिर्फ 10 सीट जीतीं जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीट जीतीं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुए थे और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए गए थे। एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। राज्यपाल ने शिंदे से नयी सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।
