पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी ने पहली भाजपा शासित सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। उनके साथ 5 मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू शामिल हैं। इसमें सबसे कम उम्र के निसिथ प्रमाणिक भी हैं, जो कूचबिहार के दिनहाटा से आने वाले भाजपा के युवा और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अपनी राजनीति पारी शुरू करने वाले प्रमाणिक साल 2019 में बीजेपी में शामिल हुए। वे सांसद और सबसे कम उम्र के केंद्रीय मंत्री बने। लेकिन अब उत्तर बंगाल में मजबूत पकड़ के साथ वे राज्य सरकार में मंत्री पद का भार संभालेंगे और राज्य को नई दिशा देने में अहम भूमिक निभाएंगे।
निशिथ प्रमाणिक प्रोफाइल
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार के गठन के साथ ही निसिथ प्रमाणिक चर्चा के केंद्र में हैं। उत्तर बंगाल की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले निसिथ अब शुभेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री बनाए गए हैं। युवा चेहरा होने के साथ ही उनका सियासी सफर काफी दिलचस्प रहा है।
कहां हुआ निसिथ प्रमाणिक का जन्म
जानकारी के मुताबिक, निसिथ प्रमाणिक का जन्म 17 जनवरी 1986 को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा में हुआ था। हालांकि, उनका पैतृक संबंध बांग्लादेश के गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी उपजिला के हरिनाथपुर से बताया जाता है। साल 1968 में उनका परिवार बांग्लादेश से भारत आकर कूचबिहार में बस गया।
निसिथ प्रमाणिक की शिक्षा-दीक्षा
- निसिथ ने साल 2001 में स्टेट बोर्ड से 10वीं की परीक्षा पास की
- भेटागुड़ी लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ, दिनहाटा से पढ़ाई की
- प्राइमरी स्कूल में असिस्टेंट टीचर भी रहे
- उनकी पत्नी प्रियंका प्रमाणिक हैं और दो बेटे हैं
प्रमाणिक कूचबिहार के दिनहाटा से आने वाले भाजपा के युवा और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। टीएमसी से राजनीति शुरू कर 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। सांसद और सबसे कम उम्र के केंद्रीय मंत्री बनाए गए। अब उत्तर बंगाल में मजबूत पकड़ के साथ वे राज्य सरकार में मंत्री बने हैं। निसिथ प्रमाणिक का राजनीतिक करियर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से शुरु हुआ था, लेकिन साल 2019 में उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और यहीं से उनके करियर में बड़े टर्निंग प्वाइंट आए।
- सांसद से केंद्रीय मंत्री तक...
- साल 2019 में कूचबिहार से भाजपा सांसद चुने गए
- संसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका
- सूचना प्रौद्योगिकी समिति और सामाजिक न्याय से जुड़े काम
मोदी सरकार में राज्य मंत्री बनाए गए और गृह मंत्रालय और युवा मामले व खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई। खास बात यह है कि 35 साल की उम्र में वे सबसे युवा केंद्रीय मंत्रियों में शामिल हुए।
बंगाल राज्य की राजनीति में वापसी
2021 में दिनहाटा से विधायक चुने गए, लेकिन सांसद पद बनाए रखने के लिए विधायक पद छोड़ दिया। हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव में हार गए। 2026 विधानसभा चुनाव में माथाभांगा से जीत हासिल की। अब बंगाल सरकार में मंत्री पद की नई भूमिका में नजर आएंगे।
विवाद भी जुड़े रहे
हालांकि, उनकी नागरिकता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस ने उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया था। लेकिन खुद निसिथ प्रमाणिक और भाजपा दोनों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
