इंदौर नगर निगम की कमिश्नर हर्षिका सिंह (Harshika Singh) एक बार फिर चर्चा में है। उनकी पहचान एक सख्त और साफ छवि की आईएएस अधिकारियों के रूप में होती है। इस बार चर्चा का विषय कुछ ऐसा है कि पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आरोप है कि हर्षिका पर जादू-टोना करवाया जा रहा है। ये काला जादू करवाने का आरोप इंदौर मेयर के पूर्व पीए पर लगा है। ये घटना 16 अक्टूबर की है जब निगम गाड़ी अटल इंदौर निगम सर्विसेस के दफ्तर में खड़ी थी। हर्षिका सिंह की गाड़ी के नीचे आधा कटा हुआ नींबू मिला। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की। आरोप है कि इंदौर मेयर के पूर्व पीए ने ये हरकत की है। पुलिस के सामने यह चुनौती है कि इस मामले में केस क्या बनाएं। पुलिस कानूनी राय ले रही है कि क्या यह अपराध की श्रेणी में आता है।
हर्षिका सिंह 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में हर्षिका सिंह इंदौर नगर निगम की कमिश्नर हैं। इससे पहले वह मंडला की कलेक्टर थीं। आईएएस अफसर हर्षिका सिंह मूल रूप से रांची की रहने वाली हैं। हालांकि उनकी शादी रीवा में हुई है। हर्षिका सिंह से पढ़ाई लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से की हैं। अपने काम को लेकर वह हमेशा चर्चा में रहती हैं। मंडला में उन्होंने साक्षरता के लिए अच्छा काम किया। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मानित भी कर चुके हैं। हर्षिका सिंह के पति रोहित सिंह भी आईएएस अधिकारी हैं। वह भी कलेक्टर रह चुके हैं। ससुराल राजनितिक परिवार है। इनके ससुर लाल बहादुर सिंह जनपद अध्यक्ष रह चुके हैं।
बावड़ी हादसे के बाद इंदौर नगर निगम कमिश्नर को एमपी सरकार ने बदल दिया है। प्रतिभा पाल को इंदौर से हटाकर रीवा का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, प्रतिभा पाल की जगह मंडला कलेक्टर हर्षिका सिंह इंदौर नगर निगम की कमिश्नर बनी हैं। हर्षिका सिंह की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। वह रीवा की बहू हैं। सोमवार की रात तबादले का आदेश जारी हुआ है। हर्षिका सिंह जल्द ही इंदौर में काम काज संभाल सकती हैं। आइए आपको बताते हैं कि हर्षिका सिंह कौन हैं। अभी मंडला में हर्षिका सिंह कलेक्टर थीं। प्रदेश के कई जिलों में वह पदस्थ रही हैं। बावड़ी हादसे के बाद हर्षिका सिंह को इंदौर लाया गया है। इंदौर नगर निगम की वह कमिश्नर बनी हैं। इसके साथ ही इंदौर मेट्रो को अपर प्रबंध संचालक भी रहेंगी। हर्षिका सिंह जल्द ही इंदौर आकर पदभार ग्रहण कर सकती हैं।
