पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद से ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। आगामी 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA ने सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने आज पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी (B Sudarshan Reddy) को अपना उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। चलिए जानते हैं कि विपक्ष ने जिन बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है, वह कौन हैं और अब तक का उनका करियर कैसा रहा है।
विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी
ओसमानिया यूनिवर्सिटी से की लॉ की पढ़ाई
विपक्षी गठबंधन ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश रहे जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले में हुआ था। उन्होंने ओसमानिया यूनिवर्सिटी से बीए, एलएलबी की पढ़ाई की और 27 दिसंबर 1971 को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में शामिल हो गए।
ओस्मानिया विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार
उन्होंने 1988 से 1990 के दौरान हाईकोर्ट में सरकारी वकील (Government Pleader) के तौर पर कार्य किया। यही नहीं साल 1990 में उन्होंने 6 महीने तक केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता (Additional Standing Counsel) के रूप में भी काम किया। ओसमानिया विश्वविद्यालय के लिए उन्होंने कानूनी सलाहकार (Legal Adviser) और स्थायी अधिवक्ता (Standing Counsel) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। साल 1993-94 में बी. सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए।
गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
2 मई 1995 को बी. सुदर्शन रेड्डी को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में स्थायी जज के तौर पर नियुक्त किया गया। 5 दिसंबर 2005 को उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद, 12 जनवरी 2007 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया। 8 जुलाई 2011 को उन्होंने रिटायरमेंट ली।
