Abdul Bari Siddiqui : महिला आरक्षण विधेयक पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने विवादित बयान दिया है। मुजफ्फरपुर में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान सिद्दिकी ने कहा कि आरक्षण के नाम पर लिपिस्टिक और बॉब कट वाली महिलाएं नौकरी में आ जाएंगी तो क्या आपकी महिलाओं को हक मिलेगा। राजद नेता ने कहा कि यदि महिलाओं को आरक्षण देना है तो पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ी महिलाओं को दें। साथ ही सिद्दिकी ने महिला आरक्षण में कोटा तय करने की मांग की। सिद्दिकी के इस बयान पर भाजपा पलटवार कर सकती है। यही नहीं लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव तक टीवी-सोशल मीडिया से दूर रहने की अपील भी की।
लालू यादव के करीबी हैं अब्दुल बारी सिद्दिकी।
कौन हैं सिद्दिकी
सिद्दिकी की गिनती बिहार के कद्दावर नेताओं में होती है। वह बिहार सरकार में वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। वह दरभंगा की अलीनगर सीट से विधायक चुने जाते रहे हैं। साल 2015 में इन्होंने विधानसभा का चुनाव जीता था लेकिन 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए। दरभंगा सीट पर भाजपा के गोपाल जी ठाकुर ने इन्हें हराया। 2010 के विधानसभा चुनाव के बाद वह विपक्ष के नेता भी रहे।
लालू यादव के करीबी नेता हैं सिद्दिकी
सात बार विधायक रह चुके सिद्दिकी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी बताए जाते हैं। अलीनगर से पहले वह बहेड़ा से चुनाव लड़ते थे। सिद्दिकी साल 1992 में एमएलसी चुने गए थे। बिहार सरकार में संसदीय कार्य, शिक्षा, कृषि, आबकारी, अल्पसंख्यक कल्याण सहित कई विभाग संभाल चुके हैं। सिद्दिकी जेपी आंदोलन से भी जुड़े थे। इस आंदोलन से इनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई।
पहले भी दिया है विवादित बयान
सिद्दिकी पहले भी अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रह चुके हैं। बीते साल दिसंबर में इन्होंने मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा पर आपत्तिजनक बयान दिया। इन्होंने आरोप लगाया कि भारत में मुस्लिम समुदाय सुरक्षित नहीं है। सिद्दिकी ने अपने बेटे ओर बेटी से विदेश में नौकरी करने और वहीं की नागरिकता लेने की बात कही थी। एक कार्यक्रम में इन्होंने कहा, 'मेरा एक बेटा है जो कि हारवर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ता है और बेटी लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स से पास हुई है। मैंने उनसे वहीं पर नौकरी करने और संभव हो तो वहीं की नागरिकता लेने के लिए कहा है।'
'इस तरह की बात कहना पीड़ादायक है'
राजद नेता ने कहा कि 'मैंने उनसे कहा है कि भारत में जिस तरह का माहौल है, मैं नहीं जानता कि वे इस तरह के परिवेश में रह पाएंगे या नहीं। आप समझ सकते हैं कि अपने बच्चों से इस तरह की बात कहना कितना पीड़ादायक है लेकिन इस तरह का समय आ गया है।'
