Haryana Govt: शनिवार को निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद की आकस्मिक निधन ने हरियाणा विधानसभा में का गणित और उलझा दिया है। अल्पमत में चल रही बीजेपी की राज्य सरकार के पास अभी भी बहुमत नहीं दिख रहा है। हालांकि बहुमत विपक्ष के पास भी नहीं दिख रहा है। ऐसे में जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।
हरियाणा में अल्पमत में बीजेपी सरकार
ये भी पढ़ें- क्या सचमुच खतरे में है हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार? जानें JJP का प्लान; समझें सारा गुणा-गणित
हरियाणा विधानसभा का गणित
- 90 विधायक दल वाले सदन में फिलहाल कुल विधायक 87 हैं।
- लोकसभा चुनाव लड़ रहे मनोहर लाल खट्टर और रणजीत चौटाला विधायकी से इस्तीफा दे चुके हैं।
- अब राकेश दौलताबाद की मौत की वजह से तीन सीट खाली हैं।
बीजेपी का गणित
- बीजेपी के पास इस समय 40 विधायक हैं।
- बीजेपी के पास 1 निर्दलीय का समर्थन है।
- एक हरियाणा लोकहित पार्टी विधायक गोपाल कांडा का समर्थन है।
- इस तरह बीजेपी के समर्थन वाले कुल विधायकों की संख्या 42 हो जाती है।
- सरकार को बहुमत के लिए चाहिए 44 विधायकों का समर्थन।
- फिलहाल बीजेपी सरकार के पास 42 विधायकों का समर्थन।
- मतलब बीजेपी के पास 2 विधायक कम हैं।
कांग्रेस का हाल
- कांग्रेस के पास 30 विधायक हैं।
- साथ ही कांग्रेस के पास 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन हैं।
- कुल मिलाकर कांग्रेस के पास 33 विधायकों का समर्थन है।
न्यूट्रल विधायक ( फिलहाल किसी के पक्ष में नहीं)
- हरियाणा में फिलहाल जेजेपी किसी के साथ नहीं है, जिसके पास 10 विधायक हैं।
- इंडियन नेशनल लोकदल अभय चौटाला के पास एक विधायक है।
- निर्दलीय बलराज कुंडू भी किसी के पक्ष में नहीं हैं।
- इसी खेमे पर हरियाणा में सरकार का भविष्य तय होगा।
