EC SIR Press Conference: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुमार ने बताया कि राज्यों की अंतिम SIR रिपोर्ट उसी प्रकार “कट-ऑफ तिथि” का कार्य करेगी, जैसे बिहार की 2003 की मतदाता सूची को आयोग ने गहन पुनरीक्षण के लिए आधार बनाया था। अधिकांश राज्यों में अंतिम SIR 2002 से 2004 के बीच हुआ था, और अब उन्होंने अपने-अपने राज्यों में वर्तमान मतदाताओं का मानचित्रण लगभग पूरा कर लिया है।
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किन 12 राज्यों में होगा SIR
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में यह अभियान छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में संचालित होगा। इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। कुमार ने स्पष्ट किया कि असम में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी, क्योंकि वहां भी अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
बिहार में SIR सफल
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि यह मौजूदा SIR, स्वतंत्रता के बाद से अब तक की नौवीं कवायद है। पिछली बार यह प्रक्रिया 2002 से 2004 के बीच संपन्न हुई थी। उन्होंने कहा कि बिहार में SIR की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई, और इस पर कोई भी अपील नहीं आई, जो इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
SIR का उद्देश्य
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि SIR का प्रमुख उद्देश्य अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश और म्यांमार सहित अन्य देशों से आने वाले अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनज़र यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण और समयानुकूल है।
