APJ Abdul Kalam: देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पूरे देश के चहेते हैं। हालांकि एक बार उनसे संघ बहुत नाराज हो गया था। कारण था अब्दुल कलाम ने संघ के कार्यक्रम में जाने के लिए हामी भर दी थी, लेकिन बाद में दोस्तों के कहने पर उन्होंने इसे कैंसिल कर दिया था। इस बात का दावा एक किताब में किया गया है।
संघ के कार्यक्रम में शामिल होने से अब्दुल कलाम ने कर दिया था इनकार
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने एक बार नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की अपनी यात्रा रद्द कर दी थी क्योंकि दोस्तों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि उनके इस कदम से वो "आरएसएस के हमदर्द" के रूप में पहचाने जाएंगे। कलाम के निजी सचिव रहे आरके प्रसाद ने अपनी किताब में ये दावा किया है।
कलाम के संघ के कार्यक्रम में नहीं आने की वजह से संघ नाराज हो गया था, क्योंकि वो उनकी यात्रा के लिए तैयारियां कर चुका था। उनके इस कदम से संघ को बड़ा झटका लगा था। हालांकि बाद में कलाम ने आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था।
किताब में लिखा गया है- "मई 2014 में, कलाम के कार्यालय को आरएसएस के महासचिव राम माधव से निमंत्रण मिला था। वे चाहते थे कि पूर्व राष्ट्रपति आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में एक प्रशिक्षण शिविर में युवा आरएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करें। शिविर 12 जून को समाप्त होना था और वे चाहते थे कि कलाम उससे पहले उनके लिए सुविधाजनक तारीख पर आ जाएं। राम माधव ने बाद में कलाम से मुलाकात की, और यह निर्णय लिया गया कि पूर्व राष्ट्रपति आरएसएस मुख्यालय में कार्यक्रम में अंतिम दिन भाग लेंगे।"
हालांकि, इसके बाद अपने कुछ दोस्तों से मिले इनपुट और सलाह के परिणामस्वरूप कलाम ने अपना विचार बदल दिया। प्रसाद के अनुसार उन्हें दोस्तों की ओर से चेतावनी दी गई थी कि आरएसएस मुख्यालय की यात्रा पर उन्हें "आरएसएस हमदर्द" के रूप में पहचान दिला सकती है। संगठन द्वारा उनके नाम का संभावित दुरुपयोग किया जाएगा।
किताब के अनुसार, अपने दोस्तों से कड़ी सलाह के बाद कलाम ने संघ के कार्यक्रम में जाने का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। जिसके बाद संघ नाराज हो गया था।
