Munawwar Rana: मशहूर शायर मुनव्वर राना का रविवार को निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। मुनव्वर का रविवार देर रात लखनऊ स्थित संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से गले के कैंसर से पीड़ित थे। राना को सोमवार को उनकी वसीयत के मुताबिक लखनऊ में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। बेटी सोमैया ने बताया कि उनके परिवार में उनकी मां, चार बहनें और एक भाई हैं। हिंदुस्तान के सबसे मशहूर शायरों में शुमार किए जाने वाले मुनव्वर राना की नज्म ‘मां’ का उर्दू साहित्य जगत में एक अलग स्थान है।
मुनव्वर राना
उर्दू में मुनव्वर राना का योगदान
उर्दू में मुनव्वर राना के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। अपनी गजलों और कविताओं से उन्होंने लोगों के दिलों में जगह बनाई। अपनी लेखनी में वह अक्सर हिंदी और अवधी शब्दों का वह प्रयोग किया करते थे और इसे खूब पसंद भी किया गया। उनकी सबसे प्रसिद्ध कविताओं में 'मां' शामिल है, जिसे उनकी सबसे बेहतरीन कृति बताया जाता है। इस कविता में उन्होंने मां की खासियतों को बताया है।
लौटाया था अपना पुरस्कार
मुनव्वर अपनी रचनाओं को लेकर ही नहीं बल्कि तेवर को लेकर भी चर्चा में रहे थे। मुनव्वर राना अपने बेबाक बोल के लिए भी जाने जाते रहे। मुनव्वर राना उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने असहिष्णुता के मुद्दे पर सरकार को अपना पुरस्कार लौटा दिया था। तब उन्होंने कहा था कि साहित्यकारों और लेखकों को किसी न किसी पार्टी से जोड़ा जा रहा है। किसी को कांग्रेसी तो किसी को भाजपाई बताया जा रहा है। मैं मुसलमान हूं मुझे पाकिस्तानी भी करार दिया जा सकता है। इस देश में बिजली के तार नहीं जुड़े हैं, लेकिन मुसलमानों के तार दाऊद इब्राहिम से जोड़ दिए जाते है।
कहा था- योगी सरकार बनी तो कर लूंगा पलायन
वह अपने विवादित बयानों से भी चर्चा में रहे थे। मुनव्वर राना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर साल 2022 में कहा था कि यूपी में योगी की सरकार बनी तो मैं पलायन कर लूंगा। उन्होंने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कैराना का जिक्र भी किया था। उन्होंने कहा था कि कैराना से 10 हिंदुओं के पलायन का जिक्र किया जाता है, तो पलायन कर गए हजारों मुसलमानों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही कहा था कि मुसलमान ने अपने घरों में छुरी तक रखना बंद कर दिया है कि पता नहीं कब योगी उनको बंद करवा दें।
