Father Of Atomic Bomb: हाल ही में आई क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ओपेनहाइमर (Oppenheimer) की चर्चा चारों ओर है, यह फिल्म परमाणु बम के जनक जूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर पर आधारित है, जो एक अमेरिकी भौतिक विज्ञानी थे। अब ओपेनहाइमर को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया जा रहा है, एक किताब में दावा किया गया है कि एक समय पंडित नेहरू ( Jawaharlal Nehru) ने ओपेनहाइमर को भारत में बसने का ऑफर दिया था।
पंडित नेहरू ने दिया था ओपेनहाइमर को भारत में बसने का ऑफर (फोटो- wikipedia)
कहां किया गया है दावा
यह रहस्योद्घाटन बख्तियार के दादाभाई ने किया है। इन्होंने भारतीय वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा पर एक 723 पन्नों की जीवनी लिखी है, जो इस साल अप्रैल में जारी की गई थी। इस किताब में ओपेनहाइमर और होमी जहांगीर भाभा के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का भी जिक्र है। किताब के अनुसार जब अमेरिकी सरकार ने ओपेनहाइमर को अपमानित करना शुरू कर दिया, तब नेहरू ने भाभा के कहने पर उन्हें नागरिकता की पेशकश की थी। दादाभाई ने 'होमी जे भाभा: ए लाइफ' में कहा- "... युद्ध समाप्त होने के बाद भाभा की मुलाकात ओपेनहाइमर से हुई और दोनों अच्छे दोस्त बन गए। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं थी क्योंकि भाभा की तरह ओपेनहाइमर भी एक उच्च सुसंस्कृत व्यक्ति थे। उन्होंने संस्कृत का अध्ययन किया था और लैटिन और ग्रीक भाषा के भी जानकार थे।"
जब अमेरिकी सरकार हुई नाराज
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी पर ओपेनहाइमर द्वारा बनाए गए परमाणु बम गिराए जाने के बाद, वो हिल गए थे। उन्होंने इस पर नाराजगी भी जाहिर की थी। जिसके बाद बदले हुए रुख के परिणामस्वरूप 1954 में अमेरिकी सरकार ने ओपेनहाइमर पर अपनी नजरें टेढ़ी कर ली और उनकी सुरक्षा मंजूरी छीन ली गई। इसके बाद उन्हें नीतिगत निर्णयों में भी शामिल होने से रोक दिया गया था।
एक और दावा
ओपेनहाइमर फिल्म जिस किताब पर बनी है उसके सह-लेखक ने भी कुछ ऐसा ही दावा किया है। एचटी के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने परमाणु बम के जनक जूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर को 1954 में परमाणु हथियारों के खिलाफ बयानों पर अपमानित होने के बाद भारतीय नागरिकता की पेशकश की थी। काई बर्ड ने कहा- "1954 में उनके (ओपेनहाइमर) अपमानित होने के बाद...नेहरू ने उन्हें भारत आने और नागरिक बनने की पेशकश की...लेकिन मुझे नहीं लगता कि ओपेनहाइमर ने इस (प्रस्ताव) पर गंभीरता से विचार किया क्योंकि वह एक गहरे देशभक्त अमेरिकी थे।
क्या मिला था जवाब
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भौतिक विज्ञानी ने मना कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि जब तक वह सभी आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते, तब तक उनके लिए अमेरिका छोड़ना उचित नहीं होगा।
