क्या होता है एक्ट ऑफ गॉड,जिसका कंपनियां लेती हैं हादसे में सहारा,याद है अक्षय की वो फिल्म

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  • Updated Nov 3, 2022, 07:41 PM IST

Morbi Cable Bridge and Act of God: कानूनी तौर पर एक्ट ऑफ गॉड फोर्स मैज्योर क्लॉज (FMC) के तौर भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दोनों तरफ की पार्टियां अपने दायित्व से मुक्त हो जाती हैं। क्योंकि यह स्थिति किसी के वश में नहीं होती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • ओरेवा कंपनी के मैनेजर ने मोरबी केबल ब्रिज हादसे को 'ईश्वर का कृत्य' पताया है।
  • कोरोना संकट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी एक्ट ऑफ गॉड का जिक्र किया था।
  • विपक्ष भी मोदी सरकार को मोरबी हादसे पर घेर रहा है।

Morbi Cable Bridge and Act of God: गुजरात में बीते रविवार को हुए मोरबी केबल ब्रिज हादसे में 141 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो रही है। इसी के तहत अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में से एक ओरेवा कंपनी के मैनेजर ने इस मामले में बेहद गैर-जिम्मेदाराना एवं शर्मनाक बयान दिया है। मैनेजर ने इस हादसे को 'ईश्वर का कृत्य' यान एक्ट ऑफ गॉड बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।

Morbi Cable Bridge

मोरबी हादसे पर ओरेवा कंपनी के मैनेजर का शर्मनाक बयान

मैनेजर के बयान से अक्षय कुमार की फिल्म ओ मॉय गॉड की कहानी याद आ जाती है। जिसमें अभिनेता परेश रावल की दुकान भूकंप में तबाह हो जाती है। और उसके बाद इंश्योरेंस कंपनी उन्हें इस घटना को एक्ट ऑफ गॉड यानी भगवान का कृत्य मानकर क्लेम देने से मना कर देती है। कुछ इसी तरह से ओरेवा कंपनी के मैनेजर ने भी ईश्वर को बीच में लाकर, अपनी जिम्मेदारी से हटने की कोशिश की है। ऐसे में सवाल उठता है कि एक्ट ऑफ गॉड क्या होता है, और इससे क्या हासिल होगा।

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