पंजाब स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26-27 सितंबर की रात कुछ ऐसा हुआ कि छात्र भड़क उठे, सड़कों पर उतर गए, पुलिस से झड़प भी हो गई। पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं, छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर पुलिस सवालों के घेरे में है। अब इस घटना को लेकर पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव खुद सामने आए हैं और घटना की एक-एक डिटेल सबके सामने रख दी है। पंजाब के DGP गौरव यादव के मुताबिक, 26-27 सितंबर की रात कुछ घटनाओं को लेकर अफवाहें फैलने लगीं। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर आ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। हालात बिगड़ने पर कैंपस में तोड़फोड़ भी हुई।
LPU बवाल पर पुलिस ने क्या कहा?
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DGP गौरव यादव ने क्या कहा?
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार मामले की जानकारी जालंधर रेंज के DIG को मिली। इसके बाद कपूरथला के SSP गौरव तूरा, होशियारपुर के SSP और जालंधर के SSP रात करीब 1:30 बजे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों का उद्देश्य हालात को नियंत्रित करना और छात्रों से बातचीत करना था। उस समय छात्रों की ओर से यूनिवर्सिटी प्रशासन को लेकर कई शिकायतें और कुछ घटनाओं को लेकर नाराजगी भी जताई जा रही थी।
छात्रों से बातचीत क्यों शुरू की?
DGP ने बताया कि पुलिस ने शुरुआत से ही बातचीत के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच छात्रों की शिकायतों को लेकर बातचीत कराई गई और अगले दिन भी बातचीत जारी रही।
DGP के मुताबिक, पुलिस ने छात्रों के खिलाफ कम से कम बल प्रयोग करने का फैसला किया था। उनका कहना था कि छात्रों की शिकायतों को सुना जाए और बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाए। इसी दौरान छात्रों ने हॉस्टल, सुरक्षा और प्रशासन से जुड़ी अपनी कई मांगें भी सामने रखीं। खास तौर पर लड़कियों के हॉस्टल से महिला स्टाफ की तैनाती की मांग सामने आई है।
FIR दर्ज, SIT करेगी जांच
मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। पुलिस जांच में उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और घटनाक्रम के अलग-अलग पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, जांच का मकसद यह पता लगाना है कि वास्तव में क्या हुआ, छात्रों के बीच जानकारी कैसे फैली और जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी भूमिका क्या है।
तोड़फोड़ और पुलिस से टकराव कैसे हुआ?
LPU की ओर से हालांकि कथित घटना से जुड़े दावों को अफवाह और आधारहीन बताया गया है। इसलिए जांच पूरी होने तक कथित यौन अपराध के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रदर्शन के दौरान मामला सिर्फ कैंपस तक सीमित नहीं रहा। छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित किया। कैंपस में शीशे, गमले और दूसरी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। कुछ जगह आगजनी की भी खबरें आईं।
DGP गौरव यादव ने कहा कि बाद में पुलिस बल और उनकी गाड़ियों पर भी पत्थरबाजी की गई। पुलिस ने काफी संयम बरता, क्योंकि प्रदर्शन कर रहे छात्र भी उनके लिए अपने बच्चों की तरह हैं।
छात्रों की शिकायतों पर क्या होगा?
DGP ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए प्रशासन के साथ फिर बैठक की जा रही है। लड़कियों के हॉस्टल से महिला स्टाफ की तैनाती की मांग भी सामने आई है। उनके मुताबिक, प्रशासन के साथ सुबह 10 बजे इन मुद्दों पर बैठक होनी थी, जिसमें छात्रों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी थी।
संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की भी जांच
पुलिस अब सिर्फ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच नहीं कर रही है। प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी और सरकारी तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों की भी जांच की जा रही है। DGP ने कहा कि जो लोग संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल थे, उनकी पहचान और भूमिका की तकनीकी तरीके से जांच की जा रही है। FIR के आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
LPU के साथ चितकारा यूनिवर्सिटी कनेक्शन की भी जांच
पंजाब में लगातार दो विश्वविद्यालयों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अब दोनों घटनाओं के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। LPU से एक दिन पहले चितकारा यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह की अफवाहों के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ था। पुलिस यह भी देख रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। DGP गौरव यादव ने कहा कि चितकारा यूनिवर्सिटी और LPU, दोनों घटनाओं के पीछे की साजिश के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और पुलिस हर एंगल से मामले को देख रही है।
DGP बोले- हर घटना की होगी जांच
गौरव यादव ने कहा कि उनका LPU पहुंचने का मकसद मौके के हालात का जायजा लेना है। उन्होंने भरोसा दिया कि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की जांच होगी।
