Minor Wrestler molestation case: भारतीय कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दो चार्जशीट पेश की है। पहली चार्जशीट एक हजार पेज की है जिसमें महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण के आरोपों का जिक्र है। वहीं दूसरी चार्जशीट नाबालिग महिला से संबंधित है जो 500 पेज की है। नाबालिग महिला पहलवान के बयान बदलने के बाद पुलिस ने अपनी चार्जशीट में लिखा है कि कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस आधार पर पटियाला हाउस कोर्ट से यौन शोषण के आरोप को निरस्त करने की गुजारिश की है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 जुलाई को होनी है। दिल्ली पुलिस ने पोक्सो के संबंध में जिस तरह से चार्जशीट पेश की है उसमें बृजभूण शरण सिंह के लिए खुशखबरी छिपी है।
बृजभूषण शरण सिंह, भारतीय कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष
पीड़ित ने बदला था बयान !
सूत्रों के मुताबिक नाबालिग महिला पहलवान ने पुलिस को दिया अपना बयान को बदल दिया है। पोक्सो पीड़िता ने शुरुआत में कहा था कि बृजभूषण सिंह ने उसका यौन शोषण किया था। नए बयान में पीड़िता ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। दूसरे बयान में उसने कहा वास्तव में कड़ी मेहनत की थी, लेकिन चयन नहीं होने पर उदास और गुस्से में थी। सबक सिखाने की नीयत से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाई। पहलवानों द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में जांच पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस आरोपी बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354डी के तहत अपराध और आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 109/354/354ए/506 के तहत आरोप पत्र दायर कर रही है। POCSO मामले में, जांच पूरी होने के बाद हमने शिकायतकर्ता यानी पीड़िता के पिता और स्वयं पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए धारा 173 CrPC के तहत एक पुलिस रिपोर्ट पेश की है।
खेल मंत्री से पहलवानों ने की थी मुलाकात
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले सप्ताह ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक से मुलाकात की थी और उन्हें आश्वासन दिया था कि मामले में आरोप पत्र 15 जून तक दाखिल कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद पहलवानों ने अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया था।दिल्ली पुलिस ने सिंह से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं के बारे में पांच देशों के कुश्ती महासंघों से जानकारी मांगी है। जांच दल ने टूर्नामेंट और उन जगहों से तस्वीरें, वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी जहां पहलवान अपने मैचों के दौरान रुके थे।
