बंगाल की सियासत उफान पर: राज्यपाल बोस करेंगे मुर्शिदाबाद का दौरा, बोले- राजनीतिक तूफान का केंद्र बनता जा रहा इलाका

पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच सियासी तनातनी जारी है। भारतीय जनता पार्टी लगातार सत्ताधारी टीएमसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने के आरोप लगाती रहती है। वहीं, अब एक बार फिर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है।

West Bengal Governor CV Anand Bose: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में सियासी तपिश बढ़ने लगी है। इस समय मुर्शिदाबाद में टीएमसी विधायक हुमांयू कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद के निर्माण के एलान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच, आज पश्चिम बंगाल के गवर्नर सी.वी. आनंद बोस मुर्शिदाबाद का दौरा कर रहे हैं। वे राणाघाट जंक्शन रेलवे स्टेशन से मुर्शिदाबाद के लिए रवाना हुए। वे आज मुर्शिदाबाद में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर का दौरा करेंगे।

CV Ananda Bose

West Bengal Governor Ananda Bose (File Image)

'पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान का केंद्र बनता जा रहा मुर्शिदाबाद'

मुर्शिदाबाद रवाना होने से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मुर्शिदाबाद के वर्तमान हालातों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान का केंद्र बनता जा रहा है। जब भी राज्य में कहीं भी कोई अप्रिय घटना होती है या मुझे ऐसी घटनाओं की योजना बनाने की रिपोर्ट मिलती है तब मैं उस जगह का दौरा करता हूं। राज्यपाल बोस ने कहा कि यह समाज के लिए अच्छा नहीं है कि गुमराह राजनेता समाज में भ्रम पैदा करने के लिए इस तरह की हरकतें करते हैं। हाल ही में मुर्शिदाबाद के एक विधायक ने बहुत ही भड़काऊ बयान दिया है। ऐसे में मैं अपने दौरे के दौरान यह आकलन भी करूंगा कि यहां क्या चल रहा है और नागरिकों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा के लिए कौन से प्रभावी कदम उठाने जरूरी हैं।

क्यों चर्चा में मुर्शिदाबाद?

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच सियासी तनातनी जारी है। भाजपा लगातार टीएमसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने के आरोप लगाती रहती है। वहीं, अब एक बार फिर धर्म के मुद्दे पर बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है। ताजा विवाद पश्चिम बंगाल की भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक हुमायूं कबीर के बयान से उपजा है। उन्होंने छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने का एलान किया। उनका दावा है कि इस कार्यक्रम के दौरान वहां कई बड़े मुस्लिम नेता भी शामिल होंगे। टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने वाले कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगों के शामिल होने की बात कही थी।

बयान पर शुरू हुई सियासत, भाजपा ने खोला मोर्चा

अब टीएमसी विधायक के इस बयान से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। बीते दिन भाजपा सांसद ज्योतिर्मय महतो ने इसकी कड़ी आलोचना की। साथ ही टीएमसी से सवाल भी किया कि यहां बाबरी मस्जिद क्यों बनाई जाएगी? महतो ने कहा कि बाबर एक लुटेरा था, ऐसे में उसके नाम पर भारत में कोई भी निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने टीएमसी पर तुष्टिकरण और धर्म की राजनीति करने का भी आरोप लगाया।

छह दिसंबर को ही ढहाई गई थी अयोध्या में बाबरी मस्जिद

बता दें कि छह दिसंबर 1992 को विश्व हिंदू परिषद और उसके कई अन्य सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया था। जिसके बाद देशभर में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में हजारों लोग मारे भी गए। वहीं, इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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