West Bengal EVM Controversy: कोलकाता में चुनाव परिणाम से पहले सियासत गरमा गई है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के सामने धरना शुरू कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। टीएमसी (TMC) नेताओं का कहना है कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं, लेकिन पार्टी के प्रतिनिधियों को वहां मौजूद रहने की अनुमति नहीं दी जा रही।
जीत को लेकर BJP सांसद का बयान
जनता ने इस बार टीएमसी को नहीं दिया वोट-भाजपा सांसद
उनका आरोप है कि इससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इसी मुद्दे को लेकर पार्टी के नेता शशि पांजा और कुणाल घोष धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने कहा कि अगर स्थिति साफ नहीं हुई तो आगे और कदम उठाए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सौमित्र खान ने टीएमसी के आरोपों को नकारते हुए इसे 'ड्रामा' बताया है। उन्होंने कहा कि जनता ने इस बार टीएमसी को वोट नहीं दिया है और पार्टी को चुनाव नतीजे स्वीकार करने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह विरोध प्रदर्शन मतगणना तक जारी रह सकता है। खान ने कहा “पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee), सुवेंदु अधिकारी से हार चुकी हैं और पश्चिम बंगाल से टीएमसी का पूरी तरह सफाया हो गया है। जनता ने टीएमसी को वोट नहीं दिया। यह ड्रामा आप 2-3 दिन तक और देखेंगे। टीएमसी को लगता है कि वे 2021 की तरह किसी भी तरह ईवीएम पर कब्जा कर सकते हैं, लेकिन इस बार जनता और चुनाव आयोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्हें जनादेश मानना ही पड़ेगा। ममता बनर्जी अब पूर्व मुख्यमंत्री हैं और सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें हरा दिया है।"
सभी ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित, किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं-निर्वाचन अधिकारी
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने साफ किया है कि सभी ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई विवाद नहीं है और सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल, राज्य में राजनीतिक माहौल काफी गर्म है और सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हुई हैं। उसी दिन साफ होगा कि जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है।
