West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा टीएमसी सरकार के खिलाफ जारी की गई 'चार्जशीट' के बाद अब टीएमसी ने भी पलटवार किया है। बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ एक ‘काउंटर-चार्जशीट’जारी की है। इसमें टीएमसी ने कहा कि बंगाल पर उंगली उठाने से पहले भाजपा को अपने शासन वाले राज्यों और केंद्र की नाकामियों का जवाब देना चाहिए खासतौर पर मणिपुर में तीन साल से जारी हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर।
ममता बनर्जी, अमित शाह(फोटो सोर्स: PTI)
शाह के आरोपों के जवाब में टीएमसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
दरअसल, आज दिन में अमित शाह ने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार,राजनीतिक हिंसा,महिलाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाए थे। कोलकाता में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां से घुसपैठिए भारत में प्रवेश कर रहे हैं और पूरे देश में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की सीमाओं के रास्ते होने वाली घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।BJP ने तृणमूल कांग्रेस शासन के खिलाफ जनता की शिकायतों को आवाज देने का संकल्प लिया है। आज का एजेंडा इस तृणमूल कांग्रेस सरकार के पंद्रह साल के शासन के खिलाफ हमारी 'चार्जशीट' पेश करना है। बंगाल को प्रगति और विकास की उस तेज रफ्तार के साथ कदम मिलाना होगा जो इस समय पूरे देश में छाई हुई है। इसके तुरंत बाद टीएमसी नेताओं महुआ मोइत्रा,ब्रत्य बसु और कीर्ति आजाद ने भी एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शाह के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने काउंटर चार्जशीट जारी करते हुए इसे वोटरों के मन में भ्रम फैलाने वाली राजनीति बताया।
महुआ मोइत्रा ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर शाह को घेरा
महुआ मोइत्रा ने सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर शाह को सीधे घेरा। उन्होंने कहा,“अमित शाह महिलाओं की सुरक्षा की बात कर रहे हैं। क्या वे बता सकते हैं कि भाजपा-शासित राज्यों में महिलाओं की स्थिति क्या है? भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़े हैं। केंद्र के पास राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि अमित शाह का महिलाओं की सुरक्षा पर बयान “चुनावी भाषण” भर है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि अगर महिलाओं की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता होती,तो पहले अपने शासन वाले राज्यों में इसे सुनिश्चित करते।
पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ 'चार्जशीट' पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि आपने हर बंगाली को अपराधी घोषित कर दिया है,और आप इसे चार चरणों में करते हैं, पहले आप हमारी बेइज्जती करते हैं, फिर आप हमें वंचित करते हैं, फिर आप हमें क्रिमिनल बनाते हैं,और फिर आप हमें परेशान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रवर्तन निदेशालय उन्हें रिपोर्ट करता है, ED ने लगभग 6,000 केस फाइल किए हैं, 98% विपक्षी नेताओं के खिलाफ। आपने सिर्फ़ 25 लोगों को दोषी ठहराया है, यानी 0.42% की दर से..."
मणिपुर को लेकर टीएमसी ने बोला सबसे बड़ा हमला
आगे उन्होंने मणिपुर की हिंसा पर भाजपा और अमित शाह को घेरा। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हिंसा लगातार तीन साल से जारी है, उस पर केंद्र अब भी जवाब नहीं दे पाया है। एक गृह मंत्री जो तीन वर्षों से जलते राज्य को शांत न कर पाया हो,वह दूसरे राज्यों में सुरक्षा-व्यवस्था के मुद्दे उठाने की नैतिक स्थिति में नहीं है। ब्रत्य बसु ने कहा कि मणिपुर खून बह रहा है। क्या गृह मंत्री पहले इस पर जवाब देंगे? बंगाल पर भाषण देने से पहले यह बताएं कि केंद्र की भूमिका कहां गई?‘सीमा सुरक्षा केंद्र की जिम्मेदारी, आरोप हम पर क्यों?’
शाह ने अपने आरोपों में दावा किया था कि बंगाल “देश के लिए सबसे बड़ा घुसपैठ कॉरिडोर” बन गया है। टीएमसी ने इसे सीधे खारिज करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर नियंत्रण केंद्र के हाथ में है,और सीमा सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है। ब्रत्य बसु ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार, बीएसएफ और गृह मंत्रालय भाजपा के पास है,तो घुसपैठ रोकेगा कौन?क्या गृह मंत्री खुद इंतजार कर रहे थे?टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा-नियंत्रित चुनाव आयोग ने आज तक उन विदेशी नागरिकों की सूची जारी नहीं की जो कथित तौर पर मतदाता सूची में पाए गए। उन्होंने कहा कि अगर घुसपैठ हो रही है तो पहचान और कार्रवाई किसने रोकी है, आपको उन लोगों की सूची जारी करनी चाहिए।
समाज को बांटना चाहती है भाजपा
टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा हर चुनाव से पहले बंगाल में ‘बंगाली बनाम बांग्लादेशी’ की बहस घसीटकर समाज को बांटना चाहती है। बीजेपी बंगाल की संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रही है। वे यहां भी असम वाला डिटेंशन कैंप मॉडल लागू करना चाहते हैं। इसलिए बांग्लादेश का भय दिखाया जा रहा है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह भाजपा के “राजनीतिक ध्रुवीकरण” का एक एजेंडा है,जिसका उद्देश्य चुनावी फायदा उठाना है।
