West Bengal BJP Government: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव के दौरान 'माछ-भात' यानी मछली-चावल का मुद्दा खूब चर्चा में रहा था। तृणमूल कांग्रेस लगातार यह आरोप लगा रही थी कि अगर राज्य में BJP की सरकार बनी तो बंगाल की पारंपरिक खानपान संस्कृति पर असर पड़ेगा और मछली खाने पर पाबंदी जैसी स्थिति बन सकती है।
बंगाल में नहीं लगेगी मछली खाने पर पाबंदी, खुद BJP नेता खाते दिए माछ-भात, TMC ने कहा था सत्ता बदलते ही लगेगी रोक
हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान कई BJP नेता सार्वजनिक तौर पर मछली खाते नजर आए थे और उन्होंने साफ कहा था कि बंगाल में मछली खाने पर किसी तरह की रोक नहीं लगेगी। अब नई सरकार के फैसले ने इस बहस को और दिलचस्प बना दिया है।
बंगाल में 5 रुपये में मछली-चावल देगी भाजपा
राज्य सरकार ने सरकारी कैंटीनों में सिर्फ 5 रुपये में मछली-चावल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस योजना को लेकर जल्द आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसके बाद अलग-अलग सरकारी कैंटीनों में इसे लागू किया जाएगा।
इस फैसले को कई लोग TMC की 'मां कैंटीन' योजना के जवाब के तौर पर भी देख रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार के दौरान शुरू हुई 'मां कैंटीन' में 5 रुपये में दाल, चावल, सब्जी और अंडा दिया जाता था। कम कीमत में भोजन मिलने की वजह से यह योजना काफी लोकप्रिय हुई थी और रोज बड़ी संख्या में लोग वहां खाना खाने पहुंचते थे।
अब BJP सरकार 'माछ-भात' मॉडल के जरिए बंगाल की खाद्य संस्कृति और आम लोगों दोनों को साधने की कोशिश करती दिख रही है। बंगाल में मछली सिर्फ भोजन नहीं बल्कि संस्कृति और पहचान का हिस्सा मानी जाती है, इसलिए इस फैसले को राजनीतिक तौर पर भी काफी अहम माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस फैसले को अंदरूनी तौर पर मंजूरी मिल चुकी है और इसे जल्द ही लागू किए जाने की उम्मीद है। इस योजना को बंगाल भर में चल रही रियायती सरकारी कैंटीनों के मौजूदा नेटवर्क के जरिए शुरू किए जाने की संभावना है। ये कैंटीनें फिलहाल बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों, परिवहन कर्मचारियों, कम आय वाले परिवारों और शहरी गरीबों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराती हैं।
