Yogi Adityanath: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में हुई गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है। देवरिया में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि SIT की रिपोर्ट आते ही हमारी कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। दान गबन करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती है। सनातन के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा वो भुक्तभोगी होगा। सीएम ने कहा कि दान चोरी मामले में यदि सबूत नहीं है तो किसी पर आरोप न लगाएं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
दान चोरी से जुड़ा सबूत SIT को सौंप दें-सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार जन आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'गोली चलवाने वाले आस्था की बात न करें। सपा सरकार थी तो वसूली होती थी, पूरा खानदान वसूली पर निकल पड़ता था।' सीएम ने कहा कि दान चोरी से जुड़ा यदि किसी के पास कोई सबूत है तो वह उसे एसआईटी को सौंप दे।
'एक पक्ष कहता था कि राम का कोई अस्तित्व नहीं'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'एक पक्ष ऐसा था जो कहता था कि भगवान राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है। यानी ये लोग अयोध्या के अस्तित्व को ही नकारना चाहते थे। उन्होंने लगातार अदालत में मुकदमा लड़ा, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के खिलाफ वकीलों की पूरी फौज खड़ी की। वहीं दूसरी ओर वही लोग थे जो 'जय श्री राम' का नारा लगाने वालों पर लाठियां चलवाते थे और गोलियां चलवाते थे। जो लोग भगवान राम का नाम लेने पर गोलियां चलाते थे, आज वही आस्था से छेड़छाड़ की बात कर रहे हैं।'
आज वही लोग अयोध्या पर सवाल उठा रहे हैं-योगी
उन्होंने कहा, 'वे रामनवमी पर दंगे भड़काते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे और दुर्गा पूजा के दौरान भी दंगे भड़काने का काम करते थे। याद रखिए, कांग्रेस ने सिर्फ देश को लूटा ही नहीं, बल्कि उसे बांटने का भी काम किया। बेईमानी और भ्रष्टाचार के जो रिकॉर्ड उन्होंने बनाए, वही लोग आज अयोध्या पर सवाल उठा रहे हैं। यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।'
'सबूत नहीं हैं तो आरोप न लगाएं'
उन्होंने कहा कि 'सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और सच्चाई सबके सामने आएगी। लेकिन मैं एक बार फिर अपील करना चाहता हूं कि राम भक्तों की परीक्षा लेना बंद करें और उनकी आस्था से खिलवाड़ न करें। यदि आपके पास कोई तथ्य या सबूत नहीं है, तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करें। और यदि सबूत हैं, तो उन्हें एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें। सरकार एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की टीम अपना काम कर रही है, इसलिए इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी बंद की जानी चाहिए।'
