Weather in India: उत्तर पश्चिम भारत को प्रचंड ठंड से कब मिलेगी निजात और क्यों हो रहे हैं मौसम में बड़े बदलाव?

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 16, 2023, 02:32 PM IST

Cold Wave in India: दरअसल, जब एक पश्चिमी विक्षोभ - पश्चिम एशिया से गर्म नम हवाओं वाली एक मौसम प्रणाली - क्षेत्र में आती है, तो हवा की दिशा बदल जाती है। पहाड़ों से आने वाली सर्द उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलनी बंद हो जाती हैं जिससे तापमान में वृद्धि होती है।

उत्तर पश्चिम भारत में सोमवार (16 जनवरी, 2023) को कड़ाके की ठंड का प्रकोप रहा और कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान एक से तीन डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हिमालय से आने वाली सर्द उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में अगले दो दिनों में और ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव में 19 जनवरी से शीत लहर की स्थिति समाप्त हो जाएगी, जो इस क्षेत्र में एक के बाद एक कम अंतराल पर प्रभावी होंगे।

आईएमडी के अनुसार, दिल्ली के कई हिस्सों और पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीत लहर की स्थिति बनी हुई है। आईएमडी ने कहा कि 17 जनवरी तक उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है। इसमें कहा गया है कि दो ताजा पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव में 18 जनवरी से 20 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।

End of Feed