Wayanad Landslide News update: वायनाड में हुए लैंडस्लाइड में मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक करीब 250 शव बरामद किए जा चुके हैं वहीं सैकड़ों लोग इस प्राकृतिक आपदा में घायल हैं और करीब 200 से ज्यादा लापता बताए जा रहे हैं, वायनाड में युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जवान जुटे हैं, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी गुरुवार को वायनाड का दौरा करेंगे और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मिलेंगे।
वायनाड लैंडस्लाइड में 250 से ज्यादा मौतें
बताया जा रहा है कि सोमवार को हुए भूस्खलन के बाद यहां के चार गांव पूरी तरह साफ हो गए इस प्राकृतिक आपदा के कारण अभी तक करीब 250 लोगों की मौत की बात कही जा रही है, जिला प्रशासन के अनुसार मृतकों में से 100 की शिनाख्त हो गई है। वहीं अभी भी कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है जिन्हें निकालने का काम किया जा रहा है।
तीसरे दिन भी बचाव अभियान जारी
तीसरे दिन भी बचाव अभियान जारी है और सेना, नौसेना तथा तट रक्षकों के दल अट्टामाला, मुंडक्कई और चूरलमाला में सघन तलाश अभियान चला रहे हैं। प्रत्येक टीम के साथ एक श्वान दल भी तैनात किया जाएगा।
वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान तेज करने के प्रयास में मुंडक्कई और चूरलमाला के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 190 फुट लंबा 'बेली ब्रिज' बनाया जा रहा है।चौबीस टन भार क्षमता वाले इस पुल का निर्माण बृहस्पतिवार शाम तक पूरा होने की उम्मीद है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ, सेना और नौसेना के जवान डटे हुए हैं
लापता लोगों को खोजने और भूस्खलन पीड़ितों के रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ, सेना और नौसेना के जवान डटे हुए हैं। केंद्र सरकार ने बताया कि मौके पर एनडीआरएफ और पुलिस की टीम मौजूद है। हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।
नौसेना की रिवर क्रॉसिंग टीम भी मौके पर मौजूद है। भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के 1200 बचावकर्मी घटनास्थल पर तैनात किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पिनराई एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे
केरल के वायनाड जिले में भीषण भूस्खलन की घटनाओं के बाद जारी तलाश और बचाव अभियान के बीच मुख्यमंत्री पिनराई विजयन बृहस्पतिवार को यहां एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जिले में मौजूद राज्य के मंत्री, वायनाड के विधायक और राजनीतिक दलों के नेता बैठक में शामिल होंगे।
गृह मंत्रालय कर रहा है 24 घंटे निगरानी
केंद्र सरकार ने बताया कि बचाव और खोज कार्य में सेना के डॉग स्क्वाड को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा आर्मी की डीसी सेंट्रल कन्नूर की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। त्रिवेंद्रम की 91 इन्फेंट्री ब्रिगेड की दो टुकड़ियों को रवाना कर दिया गया है। भारतीय आर्मी के दो हेलीकॉप्टर और नेवी का एक हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में विशेष रूप से लगे हैं। सेना की मेडिकल टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है और घायलों को चिकित्सा प्रदान कर रही है। वहीं, भारतीय नौसेना के जहाज को क्षतिग्रस्त पुल के दूसरी ओर बचाव और भूमि मार्ग से आवाजाही प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त संसाधन भेजे जा रहे हैं। गृह मंत्रालय के दोनों नियंत्रण कक्ष 24 घंटे से निगरानी कर रहे हैं और राज्य को प्रत्येक संभव सहायता प्रदान की जा रही है। 31 जुलाई को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से 145 करोड़ की राशि राज्य सरकार को प्रदान कराई गई है।
