'हमने मानवीय रुख अपनाया', ईरान के युद्धपोत IRIS लावन के कोच्चि में डॉक करने पर बोले विदेश मंत्री जयशंकर

गौरतलब है कि ईरान का युद्धपोत IRIS Dena भारतीय फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के लिए विशाखापट्टनम आया था। ईरान का यह युद्धपोत जब वापस लौट रहा था तो श्रीलंका के समीप अमेरिकी पनडुब्बी ने इस पर हमला कर दिया। ईरान का युद्धपोत IRIS Dena भारतीय फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के लिए विशाखापट्टनम आया था।

S Jaishankar: हिंद महासागर में ईरान का युद्धपोत अमेरिका द्वारा डुबोए जाने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रतिक्रिया दी है। जयशंकर ने शनिवार को दिल्ली में भारत के सबसे बड़े जियोपॉलिटिक्स एवं जियो-इकोनॉमिक्स मंच पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान के दूसरे जहाज IRIS लावन को कोच्चि में डॉक करने की इजाजत दी गई। ऐसा करते हुए हमने मानवीय रुख अपनाया। गौरतलब है कि ईरान का युद्धपोत IRIS Dena भारतीय फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के लिए विशाखापट्टनम आया था। ईरान का यह युद्धपोत जब वापस लौट रहा था तो श्रीलंका के समीप अमेरिकी पनडुब्बी ने गत चार मार्च को इस पर हमला कर दिया।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर।

कोच्चि में डॉक किया IRIS लवान

विदेश मंत्री ने कहा कि IRIS लावन जो कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शरीक हुआ था, तकनीकी खामी आने के बाद उसने कोच्चि में डॉक किया था। श्रीलंका के दक्षिण में IRIS Dena के साथ जो घटना हुई उससे कई दिन पहले ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू एवं MILAN 2026 में शामिल होने के लिए यह जहाज ईरानी नौसेना की उपस्थिति दर्जाने कराने के लिए था। यह अभ्यास 15 फरवरी से 25 फरवरी के बीच हुआ। ईरान के जहाज को एक मार्च को डॉक करने की इजाजत दी गई। इस जहाज पर सवार चालक दल के 183 सदस्य कोच्चि में एक नौसैनिक इकाई में रुके हुए हैं।

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