'पिछले 10 साल से हो रही है 'वोट चोरी', ECI को करानी चाहिए थी जांच', राहुल को मिला राज ठाकरे का साथ

नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के स्थानीय पदाधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों की सावधानीपूर्वक जांच करने को कहा।

Raj Thackeray Alleges Vote Chori: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी कथित वोट चोरी मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ दिया है। राज ठाकरे ने कहा कि वह 2016 से ही 'वोट चोरी' की बात करते आ रहे हैं और चुनाव आयोग को उस समय जांच करनी चाहिए थी जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भाजपा नेता अनुराग ठाकुर दोनों ने मतदाता सूची में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के स्थानीय पदाधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों की सावधानीपूर्वक जांच करने को कहा।

Raj thackeray

अब राज ठाकरे ने भी लगाया वोट चोरी का आरोप (PTI)

राज ठाकरे ने क्या-क्या कहा

राज ठाकरे ने कहा, साल 2016 और 17 से आपको याद होगा तो इन मतदानों में गड़बड़ है, ऐसा मैं बोलते आ रहा हूं... इन सभी मुद्दों को लेकर मैं शरद पवार,सोनिया गांधी, और ममता बनर्जी से भी मिला सभी लोग मेरे साथ हैं। महाराष्ट्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, मैने तभी इन लोगों से कहा कि चुनाव का बहिष्कार करिए इंटरनेशनल लेवल पर यह खबर होगी... बाहर के देश से जब प्रेशर आना शुरू होगा तो आंख खुलेगी, ऐसे नहीं खुलेगी। याद है आपको अब राहुल गांधी ने इस पूरे मुद्दे को उठाया, तबसे कह रहा हूं। हम लोगों को मतदान नहीं हो रहा, हमारे वोट चोरी किए जा रहे हैं। आपको बार-बार बताना पड़ रहा है। आपको अगर लग रहा है हमें मतदान नहीं किया गया, यह गलत है, हम तक पहुंचे ही नहीं। इन वोटों की चोरी कर-कर के आप ही बताइए बीजेपी 132, शिंदे 56 और अजीत पवार 42, कुल 232 हुए, इतना बहुमत मिलने के बावजूद गर पूरे महाराष्ट्र में सन्नाटा था, कही भी विजय का जश्न नहीं मनाया गया यानी कि उनकी जीत हुई। जीतने वाले भी चुप और हारने वाले भी चुप, मतलब मतों में गड़बड़ी थी और इन्हीं मतों की गड़बड़ी के बाद 2014 से अब तक यह सरकार लाई गई है। विरोधी पक्ष के नेता राहुल गांधी ने मतों की गड़बड़ी बताई तो आपने देखा कि चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राहुल गांधी से शपथ पत्र मांगा। अब अनुराग ठाकुर ने 6 अलग-अलग सीटों पर बात निकाली तो चुनाव आयोग को तो समझना चाहिए। ना सिर्फ विपक्ष कह रहा है, बल्कि सत्ता पक्ष भी कह रहा है। आयोग दोनों से पत्र मांगे, लेकिन नहीं अब इस मुद्दे को दबाने की कोशिश हो रही है, यह पिछले 10 से 12 सालों से चल रहा है।

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