Vote Chori’ Row : देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत करीब 20 पार्टियां वोट चोरी के मुद्दे पर अभियान छेड़े हुए हैं। बुधवार को दिल्ली स्थित जंतर मंतर के आसपास कांग्रेस ने विरोध मार्च आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इसी बीच राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन सीईसी के इस्तीफा देने तक जारी रहेगा। वहीं, कांग्रेस ने राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को देशभर में ‘Black Day’ मनाने का ऐलान किया है।
कांग्रेस पार्टी का Black Day का मनाने का ऐलान-Rahul Gandhi
दरअसल, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग मामले में प्रदर्शन के दौरान विपक्षी ’इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में गुरुवार को ’’काला दिवस’’ मनाने का फैसला किया है, जिसके तहत राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लिखा पत्र
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों को भेजे पत्र में कहा कि पार्टी की सभी राज्य, जिला और ब्लॉक/मंडल इकाइयां आठ अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। पत्र में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ’इंडिया’ गठबंधन के सांसद निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया और कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और ’इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के साथ ’’बदसलूकी’’ की गई तथा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई नेता घायल हो गए। वेणुगोपाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर यह कार्रवाई ’’संविधान पर हमला’’ है और इसलिए कांग्रेस ने इस दिन को भारतीय लोकतंत्र के लिए ’’काला दिवस’’ घोषित किया है। पार्टी ने सभी प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को तत्काल प्रभाव से निर्देशों का पालन करने को कहा है।
8 अगस्त को कांग्रेस सांसदों को दिल्ली में ही रहने का निर्देश लीडरशिप की तरफ़ से दिया गया है। माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन मिलकर मार्च कर सकती है। राहुल ने कहा कि हमारा प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक जारी रहेगा। गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ऐसा कुछ नहीं कर सकते जिससे उनका विरोध रुक जाए।
ममता बनर्जी भी प्रदर्शन में होंगी शामिल
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुरुवार को दिल्ली रवाना होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, वह दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं। इधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के सांसदों को 8 अक्टूबर को दिल्ली में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की स्थिति में विपक्षी दलों की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर इसे देखा जा रहा है। हालांकि, उनके कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। SIR और चुनाव आयोग को लेकर पहले से जारी सियासी टकराव के बीच विपक्ष का प्रदर्शन अब और बड़ा होने के संकेत हैं।
राहुल ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक विरोध प्रदर्शन नहीं रोकेंगे। यह इस देश की सबसे पवित्र चीज की रक्षा की लड़ाई है। नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ऐसा कुछ नहीं कर सकते जिससे हमें रोका जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने इस देश की सबसे पवित्र चीज पर हमला किया है। उन्होंने संविधान पर हमला किया है, उन्होंने जनता की आवाज पर हमला किया है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
राहुल ने एक्स पर लिखा कि 'मैं हर उस INDIA गठबंधन के सांसद का आभारी हूं, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा है—संसद के भीतर, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास भी। वे मार्च को रोक सकते हैं। वे बैठक से इनकार कर सकते हैं। लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छा को नहीं रोक सकते। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और पूरी व्यवस्था को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
