Pawan Khera Wife Two Voter ID Case: पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा के नाम पर दो-दो वोटर कार्ड होने के मामले पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। चुनाव आयोग ने पति पत्नी को नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग ने एक्स पर लिखा, पवन खेड़ा और उनकी पत्नी पर ERO द्वारा जारी किया गया नोटिस Form7/Rule20(3)(b)of RER1960 के अंतर्गत प्राप्त हलफनामे के आधार पर दिया गया है।
पवन खेड़ा की पत्नी को चुनाव आयोग ने थमाया नोटिस।(फोटो साभार: पीटीआई)
भाजपा ने लगाया पवन खेड़ा की पत्नी पर आरोप
भाजपा ने बुधवार को दावा किया है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ ही उनकी पत्नी के पास भी दो वोटर आईडी हैं। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने x पर लिखा कि खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा का नाम तेलंगाना की खैरताबाद और दिल्ली की नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में है।
मालवीय ने कहा,"यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि कांग्रेस नेताओं की वोट चोरी की रणनीति है। जो लोग आम नागरिकों पर वोट चोरी का इल्जाम लगाते हैं, वही खुद कई जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराते हैं।" हालांकि, कांग्रस ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया है।
एक ID दिल्ली में और एक हैदराबाद में: अमित मालवीय
भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘तेलंगाना के खैरताबाद (60) विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार और पवन खेड़ा की पत्नी तथा कांग्रेस नेता कोटा नीलिमा के पास भी दो सक्रिय ईपीआईसी (मतदाता फोटो पहचान पत्र) हैं। एक खैरताबाद (तेलंगाना का विधानसभा क्षेत्र) में पंजीकृत है और दूसरा नयी दिल्ली में।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई ईपीआईसी नंबर हैं और वे एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत मतदाता हैं। यह कोई संयोग नहीं है।’’ मालवीय ने आरोप लगाया, ‘‘ ‘वोट चोरी’ में लिप्त लोग ही आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए बदनाम कर रहे हैं और हमारी संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं।’’
पवन खेड़ा ने क्या दी सफाई?
दो वोटर आईडी कार्ड मामले पर पवन खेड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने कहा कि उनपर और उनके पत्नी पर लगाए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। पवन खेड़ा ने मालवीय की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मुझे उनसे ही पता चला है कि मेरे पास दूसरा मतदाता पहचान पत्र भी है। मैंने 2016-17 में इसे हटाने के लिए आवेदन किया था लेकिन लगता है कि यह नहीं हुआ और इसके लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार है।"
